RBI ने बैंकों को अपनी कमियों का मूल्यांकन करने का दिया निर्देश
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों और दूसरी वित्तीय संस्थाओं को निर्देश दिया है कि वे जून के अंत तक बोर्ड द्वारा मंजूर 'गैप असेसमेंट' (कमियों का मूल्यांकन) पूरा करें। साथ ही, इसके लिए एक समयबद्ध कार्ययोजना भी तैयार करें।
यह निर्देश इसलिए दिया गया है, ताकि बैंक अपनी कमजोरियों का पता लगा सकें, साइबर सुरक्षा को और मजबूत कर सकें और खतरों से निपटने के लिए एक ठोस योजना तैयार रख सकें।
पूरी दुनिया में केवल कुछ ही संगठन मिथोस जैसी तकनीक का इस्तेमाल कर पाते हैं। इसी वजह से, भारतीय वित्तीय क्षेत्र की संस्थाएं जोखिमों का आकलन करने के लिए दूसरे सार्वजनिक रूप से उपलब्ध एडवांस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मॉडल्स पर गौर कर रही हैं।
वित्त मंत्री ने मिथोस से खतरे की दी चेतावनी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अप्रैल में एंथ्रोपिक के मिथोस मॉडल को एक नई चुनौती बताया था। उन्होंने ग्राहक डाटा और IT सिस्टम की सुरक्षा को और मजबूत करने का आग्रह भी किया था।
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि मिथोस अपने आप सॉफ्टवेयर की कमियां ढूंढ सकता है और उनका फायदा भी उठा सकता है। इन खतरों से निपटने के लिए बैंकों को सलाह दी गई है कि वे CERT-In और दूसरी संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर काम करें, ताकि वे नई जनरेशन के ऐसे खतरों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार रह सकें।