कच्चा तेल महंगा होने से अब केंद्रीय बैंकों पर सभी की निगाहें
तेल की कीमतें 100 डॉलर (करीब 9,500 रुपये) प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जिससे अमेरिका, ब्रिटेन, जापान और कई अन्य बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के केंद्रीय बैंक महंगाई बढ़ने की आशंका से चिंतित हैं।
ये सभी बैंक जल्द ही मिलकर ब्याज दरों पर चर्चा करेंगे। वैसे तो अभी तुरंत किसी बड़े बदलाव की उम्मीद नहीं है, लेकिन दुनियाभर के तनावों के चलते तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है, जिससे महंगाई बढ़ने का खतरा लगातार बना हुआ है।
अमेरिका की GDP 2.1 फीसदी रहने की उम्मीद
अमेरिका 30 जुलाई को अपनी नवीनतम सकल घरेलू उत्पाद (GDP) वृद्धि और खर्च के आंकड़े जारी करेगा। अनुमान है कि उसकी GDP वृद्धि दर 2.1 फीसदी रह सकती है।
यूरोप की अर्थव्यवस्था में भी अब सुधार के हल्के संकेत मिल रहे हैं, लेकिन जुलाई में वहां महंगाई 2.9 फीसदी तक पहुंच सकती है।
इसके अलावा, जापान के नए कीमतों के आंकड़े और दक्षिण कोरिया के व्यापार से जुड़े आंकड़े भी केंद्रीय बैंकों के अगले फैसलों पर असर डाल सकते हैं।