
छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत, अब 40 लाख तक सालाना टर्नओवर पर नहीं लगेगा GST
क्या है खबर?
छोटे व्यापारियों के लिए आज बड़ा फैसला लिया गया है। आज हुई गुड्स और सर्विस टैक्स (GST) काउंसिल की बैठक में छोटे कारोबारियों को बड़ी राहत दी गई है।
काउंसिल की 32वीं बैठक में फैसला लिया गया है कि अब Rs. 40 लाख तक के सालाना टर्नओवर वाली कंपनियों को GST अनिवार्य कराना जरूरी नहीं है।
पहले यह सीमा Rs. 20 लाख थी। आइये जानते हैं कि इस बैठक में और क्या-क्या फैसले लिए गए।
फैसले
पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों के कारोबारियों के लिए भी राहत
इस बैठक में पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों की कंपनियों के लिए भी GST रजिस्ट्रेशन सीमा को दोगुना करने पर सहमति बनी।
अब इन राज्यों में कंपनियों के लिए GST रजिस्ट्रेशन करवाने के लिए Rs. 20 लाख की सीमा तय की गई है।
पहले यह सीमा Rs. 10 लाख थी। साथ ही इन राज्यों को यह सीमा घटाने-बढ़ाने की छूट भी दी गई है।
बड़ी संख्या में छोटे व्यापारियों को सरकार के इस फैसले का फायदा मिलेगा।
जानकारी
प्रधानमंत्री मोदी ने दिए थे संकेत
प्रधानमंत्री मोदी ने पहले ही GST काउंसिल के इस फैसले के संकेत दिए थे। उन्होंने कहा था कि उन्होंने GST काउंसिल से Rs. 75 लाख सालाना तक का कारोबार करने वाली कंपनियों को GST रजिस्ट्रेशन से छूट देने का आग्रह किया है।
कंपोजिशन स्कीम
कंपोजिशन स्कीम में बदलाव
बैठक के बाद वित्त मंत्री जेटली ने कहा कि कंपोजिशन स्कीम की सीमा को Rs. 1 करोड़ से बढ़ाकर Rs. 1.5 करोड़ किया गया है।
यानी अब Rs 1.5 करोड़ तक के टर्नओवर वाली कंपनियां इस स्कीम का लाभ ले सकेंगी।
वहीं इन कंपनियों को रिटर्न भरने पर भी बड़ी राहत दी गई है। इस स्कीम का चयन करने वाली कंपनियों को साल में एक ही बार रिटर्न भरना होगा, हालांकि उन्हें हर तिमाही पर टैक्स का भुगतान करना होगा।
ट्विटर पोस्ट
बैठक के बाद वित्त मंत्री का बयान
FM Arun Jaitley after GST meet: From 1st April 2019, composition scheme limit will be increased to 1.5 crores. Those who come under the composition scheme will pay tax quarterly, but the return will be filed only once a year. Council approved composition scheme for Services pic.twitter.com/xy4bMJeJIN
— ANI (@ANI) January 10, 2019
दूसरे फैसले
काउंसिल के अन्य फैसले
GST काउंसिल ने सेस लगाने, लॉटरी और रियल सेक्टर से जुड़े दूसरे फैसले भी किए।
केरल सरकार को बाढ़ के बाद चल रहे विकास कार्यों का खर्च जुटाने के लिए एक प्रतिशत सेस लगाने की मंजूरी दी गई है।
वहीं रियल एस्टेट सेक्टर के लिए 7 सदस्यों का मंत्रीसमूह और लॉटरी सेक्टर के लिए भी एक मंत्रीसमूह का गठन करने का फैसला किया गया है।
जानकारी के लिए बता दें कि आज लिए गए फैसले एक अप्रैल से लागू होंगे।