महाराष्ट्र सरकार ग्रीन डाटा सेंटर्स के लिए बिजली पर देगी रियायत
महाराष्ट्र सरकार ने अब अपनी ग्रीन डाटा सेंटर पॉलिसी का दायरा मुंबई से बाहर पूरे राज्य में फैला दिया है। अब इस पॉलिसी के तहत प्रोजेक्ट्स की संख्या 3 से बढ़ाकर 20 कर दी गई है।
इसका सबसे बड़ा लक्ष्य 2047 तक 30 से 40 गीगावाट (GW) के डाटा सेंटर्स को ग्रीन एनर्जी से चलाना है।
लोन के ब्याज पर मिलेगी सब्सिडी
इस नई पॉलिसी के तहत कई बड़े फायदे दिए गए हैं। अगर, किसी प्रोजेक्ट में 60,000 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा का निवेश होता है तो उसे 20 साल तक एक रुपये प्रति यूनिट की बिजली सब्सिडी मिलेगी। इसी तरह, 30,000 करोड़ रुपये का निवेश करने वाले इंटीग्रेटेड ग्रीन डाटा सेंटर पार्कों को 10 साल तक एक रुपये प्रति यूनिट बिजली के टैरिफ में छूट मिलेगी।
इसके साथ ही, इन पार्कों को बनाने वाले डेवलपर्स को 10 साल के टर्म लोन पर 4 फीसदी ब्याज सब्सिडी भी मिलेगी। हालांकि, इसकी सालाना सीमा 25 करोड़ रुपये तय की गई है।
अब ग्रीन एनर्जी का इस्तेमाल 100 फीसदी की बजाय सिर्फ 51 फीसदी करना अनिवार्य है, जिससे डेवलपर्स के लिए इसे पूरा करना कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा।
अब इनक्यूबेशन सेंटर बनाने के लिए अलग से जमीन आरक्षित करने की बाध्यता भी खत्म कर दी गई है। ये सारे बदलाव इसलिए किए गए हैं, ताकि महाराष्ट्र में बड़ी कंपनियां ज्यादा से ज्यादा पर्यावरण के अनुकूल डाटा सेंटर बनाने के लिए आगे आएं।