जापान का आयात बढ़ने के कारण व्यापार घाटे में हुआ इजाफा
मई में जापान को एक बार फिर व्यापार घाटे का सामना करना पड़ा है। यह 378.6 अरब येन (करीब 220 अरब रुपये) पर पहुंच गया है। इस अवधि में देश का आयात, निर्यात से करीब 2.4 अरब डॉलर (करीब 200 अरब रुपये) ज्यादा रहा।
पिछले साल के मुकाबले निर्यात में 17 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखी गई, वहीं आयात 12.5 प्रतिशत बढ़ गया। दरअसल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक के तेजी से फैलने की वजह से कंप्यूटर चिप्स और इलेक्ट्रिकल उपकरण की मांग बहुत ज्यादा बढ़ गई है, जिससे आयात में यह उछाल आया है।
इलेक्ट्रिकल मशीनरी के आयात में भारी बढ़ोतरी
जापान में इलेक्ट्रिकल मशीनरी का आयात 31.5 प्रतिशत बढ़ा है। इसके उलट तेल और गैस का आयात पिछले साल के मुकाबले 1.8 प्रतिशत कम रहा। इसकी वजह अमेरिका-ईरान युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य का बंद होना बताया जा रहा है।
इस साल जापानी मुद्रा येन काफी कमजोर हुआ है। अभी एक अमेरिकी डॉलर की कीमत लगभग 160 येन है, जबकि पिछले साल यह 140 के आस-पास थी।
कमजोर येन के कारण विदेश से चीजें खरीदना जापान के लिए महंगा हो गया है। महंगाई पर लगाम लगाने के लिए बैंक ऑफ जापान ने 1995 के बाद पहली बार ब्याज दरें बढ़ाई हैं, लेकिन इस कदम से येन को अभी तक कोई खास मजबूती नहीं मिल पाई है।