भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा
क्या है खबर?
भारतीय रुपयारुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगातार लुढ़कता जा रहा है। आज (29 जनवरी) शुरुआती कारोबार में रुपया 92.00 के रिकॉर्ड निचले स्तर तक पहुंच गया। यह एक हफ्ते से भी कम समय में तीसरी बार है जब रुपया अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर गया है। इससे पहले बुधवार को रुपया 31 पैसे टूटकर 91.99 पर बंद हुआ था, जिसने बाजार में चिंता बढ़ा दी है और निवेशकों की नजर करेंसी मूवमेंट पर टिकी हुई है।
वैश्विक हालात
डॉलर इंडेक्स और वैश्विक हालात का असर
रुपये पर दबाव की एक बड़ी वजह वैश्विक बाजारों में डॉलर की चाल है। भले ही डॉलर इंडेक्स में कुछ नरमी आई हो, लेकिन सुरक्षित निवेश के तौर पर डॉलर की मांग बनी हुई है। अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता और वैश्विक आर्थिक तनाव भी उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं पर असर डाल रहे हैं। इसी वजह से रुपये में कमजोरी देखने को मिल रही है, हालांकि बीच में इसमें थोड़ी रिकवरी भी नजर आई थी।
सोना-चांदी
सोना-चांदी की कीमतों में तेज उछाल
रुपये की कमजोरी के बीच सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार तेजी देखने को मिली है। गुरुवार को शुरुआती कारोबार में सोने और चांदी के फ्यूचर्स करीब छह फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गए। घरेलू बाजार में सोना 1,75,869 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 4,07,456 रुपये प्रति किलो के स्तर तक पहुंच गई। कमजोर रुपया और सुरक्षित निवेश की मांग ने कीमती धातुओं की कीमतों को सहारा दिया है।
अन्य
भारत-EU FTA से निवेशकों को कुछ राहत
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) से बाजार को कुछ सकारात्मक संकेत मिले हैं। इस समझौते से कपड़ा, केमिकल और फुटवियर जैसे भारतीय सेक्टर को फायदा मिलने की उम्मीद है। विश्लेषकों का मानना है कि इस डील से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है, लेकिन फिलहाल वैश्विक कारकों और करेंसी दबाव के कारण रुपये पर कमजोरी बनी हुई है, जिस पर बाजार लगातार नजर रखे हुए है।