भारतीय म्यूचुअल फंड्स ने एसेट्स के मामले में FPIs को पीछे छोड़ा
पहली बार ऐसा हुआ है, जब घरेलू म्यूचुअल फंड्स की कुल संपत्ति विदेशी संस्थागत निवेशकों (FPIs) से ज्यादा हो गई है। जून तक भारतीय म्यूचुअल फंड्स ने 76.41 लाख करोड़ रुपये का निवेश संभाला है, जो FPIs के 76.22 लाख करोड़ रुपये से थोड़ा ज्यादा है।
यह बदलाव सिस्टेमैटिक इंवेटमेंट प्लान (SIP) के जरिए लगातार हो रहे निवेश और ज़्यादा भारतीयों के घरेलू बाजार में पैसा लगाने से आया है, वहीं वैश्विक अनिश्चितता के कारण विदेशी निवेशकों ने अपना निवेश घटाया है।
इक्विटी एसेट्स में 23.3 फीसदी की बढ़त
भारतीय म्यूचुअल फंड्स सिर्फ कुल संपत्ति के मामले में ही आगे नहीं हैं, बल्कि इक्विटी और डेट दोनों ही बाजारों में तेजी से बढ़ रहे हैं।
सितंबर, 2024 से जून, 2026 के दौरान म्यूचुअल फंड्स के इक्विटी एसेट्स में 23.3 फीसदी की जबरदस्त बढ़त हुई है, जबकि FPIs की हिस्सेदारी में 12 फीसदी की गिरावट आई है।
डेट मार्केट में भी घरेलू फंड्स ने FPIs के मुकाबले दोगुने से ज्यादा निवेश किया हुआ है। साफ है कि अब स्थानीय निवेशक ही बाजार की दिशा तय कर रहे हैं। म्यूचुअल फंड्स की बाजार हिस्सेदारी लगातार 11 तिमाहियों से बढ़ रही है।