डिक्सन को मिलेगी वीवो में 51 फीसदी हिस्सेदारी, सरकारी मंजूरी का इंतजार
भारत सरकार इस महीने डिक्सन टेक्नोलॉजीज और चीनी स्मार्टफोन निर्माता वीवो के बीच एक संयुक्त उद्यम को मंजूरी दे सकती है। यह समझौता दिसंबर, 2024 में हुआ था, जिसमें डिक्सन टेक्नोलॉजीज को 51 फीसदी हिस्सेदारी के साथ प्रमुख भागीदार बनाया गया है।
इसका मुख्य मकसद देश में इलेक्ट्रॉनिक्स और स्मार्टफोन के उत्पादन को बढ़ावा देना है। इस खबर के बाद बुधवार (17 जून) को डिक्सन टेक्नोलॉजीज के शेयरों में 5 फीसदी का उछाल आया है।
वीवो के लिए अहम है यह साझेदारी
इससे वीवो को भारत में अपने कारोबारी जोखिमों को बेहतर ढंग से संभालने में मदद मिलेगी। इलेक्ट्रॉनिक्स और IT मंत्रालय से अभी अंतिम मंजूरी मिलनी बाकी है, लेकिन शुरुआती हरी झंडी मिलने के बाद इसकी राह आसान दिख रही है।
यह नई साझेदारी भारत में वीवो के स्मार्टफोन और अन्य गैजेट्स के निर्माण पर ध्यान केंद्रित करेगी। यह कदम इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि स्मार्टफोन निर्माता ने पिछले साल 3.5 करोड़ फोन बेचे थे और डिक्सन टेक्नोलॉजीज ने अकेले करीब 3.2 करोड़ डिवाइस बनाए थे।