भारत में FDI से मिला करीब 5,500 अरब रुपये का निवेश, कर्नाटक में सबसे ज्यादा बढ़त
कर्नाटक ने पिछले वित्तीय वर्ष 2026 में 13 अरब डॉलर (करीब 1,200 अरब रुपये) का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) अपनी ओर खींचा, जो पिछले वित्तीय वर्ष 2025 के मुकाबले लगभग दोगुना है।
इस बड़े निवेश का ज्यादातर हिस्सा टेक, डाटा सेंटर और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर में आया है।
अगर, पूरे देश की बात करें तो FDI इक्विटी इनफ्लो 58 अरब डॉलर (करीब 5,500 अरब रुपये) तक पहुंच गया। इसमें महाराष्ट्र अब भी सबसे आगे बना हुआ है। हालांकि, 2 साल बाद उसके आंकड़ों में थोड़ी गिरावट देखी गई है।
टेक और सर्विसेज FDI में सबसे आगे
पूरे देश में FDI लाने में टेक सेक्टर (सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर) सबसे आगे रहा। इसे करीब 14 अरब डॉलर (करीब 1,300 अरब रुपये) का निवेश मिला, वहीं सर्विसेज सेक्टर (फाइनेंस, बैंकिंग और इंश्योरेंस) ने 10 अरब डॉलर (करीब 900 अरब रुपये) का निवेश आकर्षित किया। ये दोनों सेक्टर मिलकर कुल FDI का लगभग 40 फीसदी हिस्सा बनाते हैं।
फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में भी इस बार शानदार उछाल देखने को मिला। इसका निवेश बढ़कर 3 अरब डॉलर (करीब 270 अरब रुपये) हो गया, जो पिछले वित्तीय वर्ष 2025 के मुकाबले 6 गुना ज्यादा है।
गुजरात 5.7 अरब डॉलर (करीब 500 अरब रुपये) के साथ तीसरे नंबर पर अपनी जगह बना रहा। हरियाणा और तमिलनाडु को भी इस बार अच्छी बढ़त मिली, जबकि तेलंगाना थोड़ा पीछे रह गया।
एयर ट्रांसपोर्ट और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे छोटे सेक्टर्स में भी निवेशकों की दिलचस्पी दिखी, जिससे पता चलता है कि निवेशक अब अलग-अलग उद्योगों में पैसा लगा रहे हैं।