भारत-यूरोपीय संघ के बीच व्यापार समझौते से यूरोप के हर साल बचेंगे 440 अरब रुपये
क्या है खबर?
भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच एक अहम मुक्त व्यापार समझौता (FTA) हुआ है। इस समझौते से यूरोपियन कंपनियों को हर साल करीब 4 अरब यूरो (लगभग 440 अरब रुपये) की इंपोर्ट ड्यूटी बचाने में मदद मिलेगी। दोनों पक्षों का कहना है कि यह समझौता बदलते वैश्विक हालात में व्यापार को मजबूती देगी और आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाएगी। इससे दोनों अर्थव्यवस्थाओं को लंबे समय में फायदा मिलने की उम्मीद है।
ड्यूटी
हजारों उत्पादों पर ड्यूटी में बड़ी राहत
इस समझौते के तहत भारत यूरोपीय संघ के करीब 97 प्रतिशत उत्पादों पर आयात शुल्क कम करेगा या पूरी तरह खत्म करेगा। इसमें कारें, मशीनरी, केमिकल, दवाइयां, कृषि-खाद्य उत्पाद और औद्योगिक उपकरण शामिल हैं। कारों पर लगने वाला भारी शुल्क तय कोटे के साथ धीरे-धीरे घटाया जाएगा। इससे यूरोपियन सामान भारत में सस्ता हो सकता है, जबकि सरकार घरेलू उद्योग की सुरक्षा का भी ध्यान रखने की बात कह रही है।
निवेश
यूरोपियन कंपनियों और निवेश को बढ़ावा
यूरोपीय आयोग के अनुसार, टैरिफ में कटौती से यूरोपियन कंपनियों को भारत जैसे बड़े बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी। अनुमान है कि 2032 तक भारत को यूरोप से होने वाला निर्यात मौजूदा स्तर से दोगुना भी हो सकता है। मशीनरी, इलेक्ट्रिकल सामान, केमिकल और फार्मा सेक्टर को खास फायदा होगा। इसके साथ ही, यूरोपियन कंपनियों को भारत में निवेश और स्थानीय निर्माण के लिए भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।
प्रक्रिया
सेवाएं, निवेश और आगे की प्रक्रिया
इस समझौते में सामान के साथ-साथ सेवाओं और बौद्धिक संपदा की सुरक्षा भी शामिल है। यूरोपीय कंपनियों को भारत के वित्तीय और परिवहन जैसे सेवा क्षेत्रों में बेहतर पहुंच मिलेगी। समझौते को लागू करने से पहले दोनों पक्षों को कानूनी मंजूरी और समीक्षा की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। विशेषज्ञ मानते हैं कि यह डील करीब 2 अरब उपभोक्ताओं वाले बड़े मुक्त व्यापार क्षेत्र की नींव रखती है और भारत-EU संबंधों को नई दिशा देगी।