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भारत-EU में 27 जनवरी को हो सकता है व्यापार समझौता, कृषि क्षेत्र रहेगा बाहर- रिपोर्ट
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (फाइल तस्वीर)

भारत-EU में 27 जनवरी को हो सकता है व्यापार समझौता, कृषि क्षेत्र रहेगा बाहर- रिपोर्ट

लेखन आबिद खान
Jan 15, 2026
04:46 pm

क्या है खबर?

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच 27 जनवरी को व्यापार समझौता पर औपचारिक हस्ताक्षर हो सकते हैं। ये EU का किसी भी देश के साथ अब तक का सबसे बड़ा व्यापारिक समझौता होगा। EU के शीर्ष नेता 26 जनवरी को भारत के गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होंगे। इसके अगले दिन यानी 27 जनवरी को भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन होगा, जहां व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।

समझौता

समझौते से कृषि क्षेत्र बाहर- रिपोर्ट

यूरोपीय समाचार आउटलेट यूरेक्टिव की रिपोर्ट के अनुसार, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने यूरोपीय संसद के सदस्यों को एक बंद कमरे में हुई बैठक में सूचित किया कि समझौता इस महीने संपन्न हो जाएगा। उन्होंने ये भी कहा कि इसमें कृषि क्षेत्र शामिल नहीं होगा। वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा अपनी भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ इस समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले हैं।

बयान

भारतीय व्यापार सचिव ने भी दिए संकेत

रॉयटर्स के अनुसार, व्यापार सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि भारत EU के साथ व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के अंतिम चरण में है और बातचीत 26 जनवरी तक पूरी हो सकती है। उन्होंने कहा, "दोनों पक्षों के बीच बातचीत खत्म होने के बेहद करीब है। अधिकारी इस बात की भी संभावना तलाश रहे हैं कि क्या इस महीने के अंत में भारत-EU नेताओं की बैठक से पहले समझौते को औपचारिक रूप से अंतिम रूप दिया जा सकता है।"

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व्यापार

भारत-EU के बीच कितना व्यापार होता है?

EU फिलहाल वस्तुओं के मामले में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। 2024-25 में EU के साथ भारत का सामान का द्विपक्षीय व्यापार 12 लाख करोड़ रुपये था। EU भारत का सबसे बड़ा सामान व्यापार भागीदार है। भारत के कुल निर्यात में EU की भागीदारी 17 प्रतिशत है। EU में भारत सबसे ज्यादा निर्यात स्पेन, जर्मनी, बेल्जियम, पोलैंड और नीदरलैंड को करता है। EU के साथ समझौता भारत का 19वां व्यापार समझौता है।

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प्रावधान

समझौते के अहम प्रावधान जानिए

EU की मुख्य व्यापार वार्ताकार सबाइन वेयांड ने बताया कि दोनों पक्ष यूरोपीय शराब और स्पिरिट पर वर्तमान में 150 प्रतिशत तक के उच्च शुल्क को कम करने पर सहमत हुए हैं। भारत ने संवेदनशील कृषि क्षेत्र को समझौते से बाहर रखा है। दूध और चीनी जैसे उत्पादों को पहले ही चर्चाओं से बाहर रखा गया है। समझौते से भारत और EU के बीच व्यापार, निवेश और बाजार पहुंच जैसे क्षेत्रों में आर्थिक संबंध मजबूत होने की उम्मीद है।

चर्चा

2007 से चल रही है बातचीत

भारत-EU के बीच व्यापार समझौते को लेकर 2007 में बातचीत शुरू हुई थी। 2013 तक कई दौर की चर्चाएं हुईं, लेकिन ऑटोमोबाइल, शराब पर टैरिफ, भारतीय IT फर्मों के लिए डेटा सुरक्षा, बौद्धिक संपदा अधिकार, श्रम मानक और सार्वजनिक खरीद पर मतभेदों के कारण बात आगे नहीं बढ़ी। 2016 और 2020 के बीच फिर सीमित प्रगति हुई, लेकिन 2020 के बाद वार्ता में तेजी आई। जून, 2022 में भारत और EU ने फिर औपचारिक रूप से बातचीत शुरू की।

प्लस

न्यूजबाइट्स प्लस

EU की नींव 1958 की रोम संधि से पड़ी थी। आधिकारिक रूप से यह 1993 की मास्ट्रिच्ट संधि से अस्तित्व में आया। 27 देश इसके सदस्य हैं। ये साझा बाजार और मुद्रा (यूरो) के अलावा व्यापार, सुरक्षा, पर्यावरण और विदेश नीति पर सामूहिक फैसले लेते हैं। बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स में इसका मुख्यालय है। वहीं, यूरोपीय आयोग EU की कार्यपालिका है। ये EU के फैसलों को अमल में लाती है।

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