ICAI और ISCA ने चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए AI सहयोग पर की चर्चा
इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) और इंस्टीट्यूट ऑफ सिंगापुर चार्टर्ड अकाउंटेंट्स (ISCA) ने भारत और सिंगापुर के चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए जिंदगी आसान बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है।
दोनों संस्थानों के अध्यक्षों ने आपसी मान्यता समझौता (MRA) पर काम करने के लिए पत्रों का आदान-प्रदान किया। इसका मकसद यह है कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को दूसरे देशों में अपनी डिग्री या सर्टिफिकेट की मान्यता आसानी से मिल सके। इसके साथ ही दोनों संस्थान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की क्षमता बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने के तरीकों पर भी विचार कर रहे हैं। यह कदम उन लोगों के लिए खास तौर पर अहम है, जो तकनीक और अकाउंटिंग दोनों क्षेत्रों में रुचि रखते हैं।
50,000 से अधिक सदस्यों को AI में किया प्रशिक्षित
पहले हुए एक समझौते के कारण फरवरी 2023 से ही सिंगापुर में रह रहे भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ISCA के एसोसिएट मेंबर बन सकते हैं।
नया MRA दोनों संस्थानों के सदस्यों के लिए इन प्रक्रियाओं को और भी सहज बनाने का लक्ष्य रखता है। इसके साथ ही, ICAI ने 50,000 से ज्यादा सदस्यों को AI में ट्रेनिंग दी है और GPT-आधारित टूल्स भी तैयार किए हैं।
दूसरी ओर, ISCA अपने खुद के AI प्रोग्राम चला रहा है। ऐसे में, अब दोनों संस्थान यह तलाश रहे हैं कि वे अपने प्रयासों को एक साथ कैसे ला सकते हैं।
MRA और AI सहयोग दोनों पर अभी काम चल रहा है, लेकिन भविष्य में इनसे कई शानदार मौके मिलने की उम्मीद है।