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अमेरिकी टैरिफ से भारत की अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार पर कितना असर पड़ सकता है? 
टैरिफ से भारत के अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार पर असर

अमेरिकी टैरिफ से भारत की अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार पर कितना असर पड़ सकता है? 

Aug 29, 2025
12:46 pm

क्या है खबर?

अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ 50 प्रतिशत तक बढ़ा दिया है। इससे कपड़ा, रत्न-आभूषण और मशीनरी जैसे क्षेत्रों पर असर पड़ने की आशंका है। विशेषज्ञ मानते हैं कि इससे भारत की आर्थिक वृद्धि दर में लगभग 1 प्रतिशत तक की गिरावट आ सकती है। हालांकि, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स, IT और सेमीकंडक्टर जैसे बड़े क्षेत्र अभी इन टैरिफ से प्रभावित नहीं हुए हैं। सरकार इस असर को कम करने के लिए विभिन्न कदम उठा रही है।

#1

भारतीय अर्थव्यवस्था पर संभावित असर

अमेरिका भारत का सबसे बड़ा निर्यात भागीदार है। भारत के कुल निर्यात का करीब 18 प्रतिशत अमेरिका को जाता है। इसलिए टैरिफ बढ़ने से असर होना तय है। हालांकि, भारत के निर्यात विविध हैं और चीन, यूरोपीय संघ (EU) व संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे अन्य बड़े बाजार भी उसके पास मौजूद हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक ऊंचे टैरिफ बने रहने से भारत की GDP वृद्धि दर में 50-60 आधार अंकों की गिरावट आ सकती है।

#2

अर्थव्यवस्था के लिए चुनैतियां और संभावनाएं 

अगर टैरिफ साल 2025 के अंत तक घटकर 15-20 प्रतिशत रह जाते हैं तो नुकसान सीमित रहेगा और विकास दर 6.3 प्रतिशत तक रह सकती है। हालांकि, अगर ये दरें वित्त वर्ष 26 और 27 तक ऊंचे स्तर पर बनी रहीं, तो असर गहरा होगा। सबसे खराब स्थिति में अमेरिका को भारत का निर्यात आधा हो सकता है, जिससे विकास दर पर 1 से 1.2 प्रतिशत तक का असर पड़ सकता है।

#3

शेयर बाजार पर अल्पकालिक दबाव

टैरिफ का असर शेयर बाजार की धारणा पर तुरंत दिखाई दिया और सेंसेक्स-निफ्टी लगभग 1 प्रतिशत गिर गए। विशेषज्ञों का मानना है कि अल्पकाल में बाजार दबाव में रहेगा, क्योंकि बढ़े हुए मूल्यांकन और कमजोर आय के बीच टैरिफ का बोझ निवेशकों की धारणा को प्रभावित करेगा। हालांकि, भारत के मजबूत विकास परिदृश्य और सकारात्मक दीर्घकालिक आर्थिक संकेतकों को देखते हुए इसका लंबे समय तक असर सीमित रह सकता है।

#4

दीर्घकालिक दृष्टिकोण और निवेशकों की उम्मीदें

विश्लेषकों का कहना है कि अच्छे मानसून, ब्याज दरों में बदलाव और GST दरों में सुधार जैसे कारक भारत को टैरिफ के झटके से उबरने में मदद करेंगे। विदेशी निवेशकों की वापसी भी बाजार को सहारा दे सकती है। हालांकि, अगर अमेरिका IT निर्यात और सेवा क्षेत्र पर टैरिफ लगाता है तो भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार को बड़ी चुनौती झेलनी पड़ सकती है। इसलिए आने वाले महीनों में स्थिति पर करीबी नजर रखी जाएगी।