जनरल इंश्योरेंस ग्रोथ के लिए कर रही रागिनी AI असिस्टेंट का इस्तेमाल
जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (GIC Re) एक इन-हाउस आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) असिस्टेंट विकसित कर रही है, जिससे बेहतर और अधिक जानकारीपूर्ण निर्णय लेने में मदद मिलने की उम्मीद है। यह जानकारी अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक हितेश जोशी ने एक साक्षात्कार में दी।
जोशी 3 दशकों से कंपनी से जुड़े हैं और 8 महीने तक अंतरिम प्रमुख रहने के बाद 16 जून को शीर्ष पद संभाला।
वे कंपनी को स्मार्ट, तकनीक-आधारित ग्रोथ की ओर ले जा रहे हैं। जोशी रागिनी नाम के एक AI असिस्टेंट का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो कंपनी के डाटा से अहम जानकारी निकालने का काम करेगा। इसे आप एक डिजिटल दिमाग मान सकते हैं, जो काम को आसान बनाने के साथ-साथ सब कुछ सुरक्षित भी रखेगा।
विदेशी हिस्सेदारी 40 फीसदी बढ़ाने का लक्ष्य
जोशी चाहते हैं कि GIC Re उन अंतरराष्ट्रीय बाजारों में फिर से अपनी जगह बनाए, जो 2020 के बाद हाथ से निकल गए थे।
उनका इरादा अगले 5 से 7 सालों में विदेशी कारोबार को 25 से बढ़ाकर 40 फीसदी तक ले जाने का है। वे लाइफ रीइंश्योरेंस को बढ़ाने पर भी खास ध्यान दे रहे हैं, जो फिलहाल 5 प्रतिशत से भी कम है।
जोखिम को संतुलित करने के लिए कंपनी एनर्जी, एग्रीकल्चर, साइबर इंश्योरेंस और पैरामेट्रिक कवरेज जैसे नए क्षेत्रों में भी अपना विस्तार कर रही है। यह सब बेहतर आपदा मॉडलिंग और सस्टेनेबल ग्रोथ को बढ़ावा देने से ही संभव हो पाएगा।