गोल्डमैन-मॉर्गन ने अमेरिका-ईरान समझौते के बाद तेल को लेकर घटाए दाम के अनुमान
गोल्डमैन सैक्स और मॉर्गन स्टेनली ने इस साल की आखिरी तिमाही के लिए कच्चे तेल के दाम का अनुमान कम कर दिया है। इसका सीधा कारण अमेरिका और ईरान के बीच हुआ नया शांति समझौता है, जिसके तहत होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुलने जा रहा है। इस समझौते से फारस की खाड़ी से तेल का निर्यात और तेज हो सकेगा।
गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि ब्रेंट क्रूड 80 डॉलर (करीब 7,600 रुपये) प्रति बैरल पर बना रहेगा, जबकि पहले 90 डॉलर (करीब 8,500 रुपये) का अनुमान लगाया गया था।
दूसरी तरफ, मॉर्गन स्टेनली ने तीसरी तिमाही के लिए अपना अनुमान 100 डॉलर (करीब 9,500 रुपये) से घटाकर 90 डॉलर कर दिया है। साथ ही, साल की आखिरी 3 महीनों के लिए भी उन्होंने 80 डॉलर का ही अनुमान जताया है।
आपूर्ति बहाल होने में ये हैं चुनौतियां
गोल्डमैन सैक्स का मानना है कि निर्यात का स्तर जुलाई के आखिर तक पूरी तरह बहाल हो सकता है। हालांकि, मॉर्गन स्टेनली को लगता है कि यह प्रक्रिया काफी धीमी रहेगी। उनके मुताबिक, सितंबर तक सिर्फ आधा निर्यात ही बहाल हो पाएगा, जबकि दिसंबर तक यह 80 फीसदी तक पहुंच सकता है।
पूरी तरह से रिकवरी होने में 2027 की शुरुआत तक का समय लग सकता है। टैंकरों को खाली करने और जहाज मालिकों को राजी करने जैसी कुछ चुनौतियां अभी भी सामने हैं।