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भारतीय शेयर बाजार से अप्रैल में विदेशी निवेशकों ने निकाले करीब 61,000 करोड़ रुपये
अप्रैल में भी जारी रही विदेशी निवेशकों की बिकवाली

भारतीय शेयर बाजार से अप्रैल में विदेशी निवेशकों ने निकाले करीब 61,000 करोड़ रुपये

May 01, 2026
01:07 pm

क्या है खबर?

शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों के पैसा निकालने का सिलसिला अप्रैल महीने में भी जारी रहा। इस दौरान विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) ने करीब 60,847 करोड़ रुपये बाजार से निकाल लिए, जिससे बाजार पर दबाव बना रहा। लगातार बिकवाली के कारण निवेशकों का भरोसा कमजोर होता दिखा है। इस नई निकासी के साथ साल 2026 के पहले चार महीनों में कुल निकासी बढ़कर लगभग 1.92 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।

बिकवाली

साल 2026 में लगातार बना रहा बिकवाली का दबाव

इस साल फरवरी को छोड़कर बाकी सभी महीनों में विदेशी निवेशक नेट सेलर बने रहे हैं। जनवरी में उन्होंने 35,962 करोड़ रुपये निकाले थे, जबकि फरवरी में 22,615 करोड़ रुपये का निवेश किया गया। हालांकि, मार्च में यह ट्रेंड तेजी से बदल गया और रिकॉर्ड 1.17 लाख करोड़ रुपये की निकासी देखी गई। अप्रैल में भी यही रुख जारी रहा, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता का माहौल बना रहा है और निवेशकों की चिंता बढ़ती नजर आई है।

वजह

ग्लोबल तनाव और महंगाई बनी बड़ी वजह

विशेषज्ञों के अनुसार, इस लगातार बिकवाली की मुख्य वजह वैश्विक स्तर पर बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव और आर्थिक अनिश्चितता है। मिडिल ईस्ट में हालात बिगड़ने से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं, जिससे महंगाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। इसके साथ ही अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम हो गई है। इन कारणों से निवेशकों का जोखिम लेने का रुझान घटा है, जिसका असर भारत जैसे उभरते बाजारों पर साफ दिखाई दे रहा है।

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बाजार

आगे बाजार की चाल पर नजर

आने वाले समय में बाजार का रुख काफी हद तक वैश्विक हालात पर निर्भर करेगा। अगर तेल की कीमतों में गिरावट आती है और तनाव कम होता है, तो विदेशी निवेश फिर से बढ़ सकता है। घरेलू निवेशकों की खरीदारी बाजार को फिलहाल कुछ हद तक संभाले हुए है। हालांकि, अगर वैश्विक स्तर पर अस्थिरता बनी रहती है या अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ती है, तो बिकवाली का दबाव आगे भी जारी रह सकता है।

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