चीन की फैक्टरियों से निकले सामान के दाम 3 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचे
चीन की फैक्ट्रियों से निकलने वाले सामान की कीमतें मई में 3.9 प्रतिशत बढ़कर करीब 3 साल के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह दुनियाभर में ऊर्जा की बढ़ती लागत और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े उद्योगों की बढ़ती मांग है। उत्पादन लागत में यह लगातार तीसरा महीना है, जब बढ़ोतरी हुई है और यह पिछले महीने की बढ़ोतरी के साथ-साथ विशेषज्ञों के अनुमान से भी ज्यादा रही।
आम लोगों के लिए उपभोक्ता कीमतें लगभग स्थिर बनी रहीं। ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि लोगों का खर्च कम रहा और खाने-पीने की चीजें सस्ती मिलीं, खासकर सूअर के मांस के दाम कम होने से ग्राहकों पर कोई खास असर नहीं पड़ा।
ऊर्जा लागत पर अर्थशास्त्रियों की चेतावनी
होर्मुज जलडमरूमध्य में चल रहा तनाव के कारण ऊर्जा से जुड़ी दिक्कत ने पूरे चीन में फैक्ट्रियों की उत्पादन लागत बढ़ा दी है। एक तरफ, जहां टेक और AI जैसे सेक्टर बढ़ती मांग का फायदा उठा रहे हैं, वहीं कार बनाने वाली कंपनियां और दूसरे उद्योगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
पिछले साल के मुकाबले पेट्रोल की कीमतों में 23.5 प्रतिशत का उछाल आया है, जबकि ईंधन की खपत 13 प्रतिशत गिर गई है। अर्थशास्त्री चेतावनी दे रहे हैं कि इस बढ़ती लागत से कंपनियों के मुनाफे पर और भी बुरा असर पड़ेगा। साथ ही लोगों के लिए खर्च करना और मुश्किल हो जाएगा। इन वजहों से फिलहाल चीन की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ता जा रहा है।