क्या डेबिट कार्ड की EMI आपके क्रेडिट स्कोर को करती है प्रभावित? यहां समझिये
क्या है खबर?
लोग सिर्फ क्रेडिट कार्ड ही नहीं डेबिट कार्ड से भी EMI पर खरीदारी करते हैं। HDFC, भारतीय स्टेट बैंक (SBI), एक्सिस और ICICI जैसी बैंक डेबिट कार्ड EMI की सुविधा देती हैं। इससे लोग बिना क्रेडिट कार्ड के भी मोबाइल, टीवी या दूसरे गैजेट्स किस्तों में खरीद सकते हैं। इसके लिए क्रेडिट कार्ड की आवश्यकता नहीं होती पैसा सीधे आपके बैंक खाते से कटता है। आइये जानते हैं EMI का असर आपके क्रेडिट स्कोर पर क्या पड़ता है।
डेबिट कार्ड EMI
कैसे काम करती है डेबिट कार्ड EMI?
डेबिट कार्ड EMI एक ऐसी सुविधा है, जिसमें आप किसी खरीदारी की राशि को मासिक किस्तों में बदल सकते हैं। बैंक आपके सेविंग अकाउंट और ट्रांजैक्शन हिस्ट्री देखकर एक प्री-अप्रूव्ड EMI लिमिट तय करता है। खास बात यह है कि हर महीने EMI की रकम सीधे आपके बैंक अकाउंट से कट जाती है। इसमें किसी अलग बिलिंग की जरूरत नहीं होती है। ये सामान्य डेबिट कार्ड खर्च से बहुत अलग तरीके से काम करती हैं।
फायदा
क्रेडिट EMI का क्या है फायदा?
इसका सीधा असर आपके क्रेडिट स्कोर पर नहीं पड़ता, क्योंकि यह सामान्य लोन की तरह क्रेडिट लाइन नहीं होती, लेकिन कुछ बैंक इन EMI को शॉर्ट-टर्म कंज्यूमर लोन की तरह मानते हैं और इसे क्रेडिट ब्यूरो को रिपोर्ट करते हैं। ऐसे में EMI को लोन की तरह रिपोर्ट किया जाए तो यह आपके स्कोर को प्रभावित कर सकता है। आप EMI समय पर भरते हैं तो यह फायदेमंद साबित हो सकता है। यह क्रेडिट स्कोर सुधारने में मदद करता है।
नुकसान
ऐसा हुआ तो होगा नुकसान
अगर, EMI समय पर नहीं भरते या खाते में बैलेंस कम रहता है तो बैंक पेनल्टी लगा सकता है और अगर इसकी रिपोर्ट की जाती है तो आपका सिविल स्कोर गिर सकता है। इसकी रिपोर्ट न भी की जाए तो बार-बार पेमेंट फेल होने पर बैंक आगे लोन देने से मना भी कर सकती है। इससे बचने के लिए EMI को हमेशा एक असली लोन की तरह समझें और खाते में हर महीने EMI से थोड़ा ज्यादा बैलेंस रखें।