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रक्षा बजट में ऐतिहासिक 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी, सेना के आधुनिकीकरण पर ध्यान; जानें खास बातें
बजट में रक्षा के लिए अब तक की सबसे बड़ी राशि का प्रावधान किया गया है (फाइल फोटो)

रक्षा बजट में ऐतिहासिक 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी, सेना के आधुनिकीकरण पर ध्यान; जानें खास बातें

लेखन आबिद खान
Feb 01, 2026
03:00 pm

क्या है खबर?

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बजट पेश कर दिया है। इसमें रक्षा बजट में भारी भरकम 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। रक्षा मंत्रालय को 7.8 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं, जबकि पिछली बार ये राशि 6.81 लाख करोड़ रुपये थी। सबसे बड़ी बात यह है कि सेना के आधुनिकीकरण के लिए 2.19 लाख करोड़ रुपये अलग से रखे गए हैं। आइए रक्षा बजट के बारे में जानते हैं।

बजट

रक्षा बजट के आंकड़े जानिए

रक्षा मंत्रालय को कैपिटल आउटले के तहत रक्षा बलों के आधुनिकीकरण के लिए 2.19 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। पिछले साल के मुकाबले ये 21.84 प्रतिशत की बढ़ोतरी है। रक्षा बजट (सिविल) में 28,554.61 करोड़ रुपये, रक्षा सेवाओं (रेवेन्यू)के लिए 3.65 लाख करोड़ और रक्षा पेंशन के लिए 1.71 लाख करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। पिछले साल के मुकाबले पेंशन में 6.53 प्रतिशत और रेवेन्यू में 17.24 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।

आधुनिकीकरण

खरीद जाएंगे लड़ाकू विमान, ड्रोन और नए हथियार

बजट का बड़ा हिस्सा नए हथियार, लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर, मिसाइल सिस्टम, रडार और अन्य आधुनिक सैन्य उपकरण खरीदने पर खर्च होगा। 'ऑपरेशन सिंदूर' और हालिया समय में ड्रोन के बढ़ते इस्तेमाल को ध्यान में रखते हुए सेना का तेजी से आधुनिकीकरण करना सरकार की प्राथमिकता है। इसीलिए अनमैन्ड एरियल व्हीकल्स (UAV या ड्रोन) की खरीद पर सरकार को फोकस है। MQ-9B समेत कई स्वदेशी ड्रोन के अलावा ड्रोन रोधी प्रणाली को बढ़ावा देने पर किया किया जा रहा है।

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वजह

रक्षा बजट में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की क्या है वजह?

चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे पड़ोसी देशों के साथ भारत का तनाव बढ़ रहा है। सीमा पर हालात और 'ऑपरेशन सिंदूर' ने मजबूत और आधुनिक सेना की जरूरत को और स्पष्ट कर दिया है। सरकार ड्रोन, आधुनिक तोपखाने, नौसैनिक जहाज और सीमा क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता दे रही है। रक्षा खरीद में मेक इन इंडिया पहल को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि घरेलू रक्षा उद्योग मजबूत हो और आयात पर निर्भरता कम हो।

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परियोजनाएं

किन परियोजनाओं पर काम कर रहा है रक्षा मंत्रालय?

प्रोजेक्ट 75I के तहत 6 नई स्टील्थ पनडुब्बी बनाने की योजना पर काम चल रहा है, जो कई आधुनिक तकनीक से लैस होंगी। रक्षा मंत्रालय नौसेना के लिए राफेल विमानों के मरीन संस्करण को खरीदने जा रहा है। वायुसेना में पहले से ही 36 राफेल हैं। Mk1A/Mk2 तेजस लड़ाकू विमान, प्रचंड हेलिकॉप्टर, ब्रह्मोस मिसाइल, ड्रोन रोधी प्रणालिया और नएए रडार सिस्टम पर काम चल रहा है। रूस से S-400 की खरीदी पर भी चर्चा चल रही है।

बयान

बजय में रक्षा क्षेत्र से जुड़े ये ऐलान भी हुए 

वित्त मंत्री ने बताया कि असैनिक, प्रशिक्षण एवं अन्य विमानों के निर्माण के लिए जरूरी कलपुर्जों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी में छूट दी जाएगी। रक्षा क्षेत्र की ईकाइयों द्वारा रख-रखाव, मरम्मत और अन्य जरूरतों में इस्तेमाल किए जाने वाले विमान के पुर्जों के निर्माण हेतु आयात किए जाने वाले कच्चे माल पर भी कस्टम ड्यूटी नहीं लगेगी। इससे रक्षा विमानन रखरखाव की लागत कम होगी और सैन्य एयरोस्पेस क्षमताओं में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।

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