कच्चे तेल के दाम में क्यों आया 3 फीसदी का उछाल?
ईरान पर अमेरिका के हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतें करीब 3 प्रतिशत बढ़ गईं। अमेरिका ने ये हमले ईरान के उन हमलों का जवाब देने के लिए किए थे, जिनमें होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को निशाना बनाया गया था।
यह संकरा समुद्री रास्ता दुनिया के लिए तेल निर्यात के लिए अहम माना जाता है, इसलिए यहां किसी भी तरह की परेशानी का असर ईंधन के दाम पर तुरंत पड़ता है।
सुबह के शुरुआती कारोबार में ब्रेंट क्रूड 75.54 डॉलर (करीब 7,100 रुपये) प्रति बैरल और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 71.81 डॉलर (करीब 6,700 रुपये) प्रति बैरल पर पहुंच गया।
अमेरिका ने ईरान को तेल निर्यात की छूट रद्द की
अमेरिका ने ईरान को तेल निर्यात करने की जो छूट दे रखी थी, उसे वापस ले लिया है। यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि ईरान ने 3 जहाजों पर हमला किया था, जिनमें कतर का LNG टैंकर 'अल रेकायात' और सऊदी अरब का एक बड़ा टैंकर 'वेदियान' भी शामिल थे।
एक ईरानी ड्रोन हमले की वजह से 'अल रेकायात' टैंकर में आग लग गई थी, जिसके बाद जहाज के पूरे दल को बाहर निकालना पड़ा। इसके बाद इस इलाके में जहाजों के लिए खतरे का स्तर 'गंभीर' कर दिया गया है।