अमेरिका-ईरान के बीच शांति की उम्मीदों से कच्चे तेल में गिरावट
कच्चे तेल की कीमतें मार्च की शुरुआत से अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई हैं। अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की उम्मीदों के चलते वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 76.46 डॉलर (करीब 7,250 रुपये) और ब्रेंट क्रूड 79.41 डॉलर (करीब 7,500 रुपये) प्रति बैरल तक लुढ़क गया है।
अगर, यह समझौता हो जाता है तो दुनियाभर के तेल के जहाजों के लिए अहम रास्ता, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फिर से खुल सकता है। इससे ऊर्जा बाजार पर भी दबाव कुछ कम होने की संभावना है।
तेल उत्पादन सामान्य होने में लगेगा समय
प्रस्तावित समझौते के तहत युद्धविराम को 60 दिनों के लिए बढ़ा दिया जाएगा और तेल के जहाजों को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आने-जाने की पूरी आजादी मिलेगी।
इसके बदले में अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर अपनी नाकेबंदी हटा लेगा। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि तेल उत्पादन को फिर से सामान्य होने में अभी भी कई महीने लग सकते हैं।
विश्लेषकों को लगता है कि तेल की कीमतों में अभी भी उतार-चढ़ाव बना रहेगा और वे 80 डॉलर (करीब 7,600 रुपये) के करीब ही रहेंगी क्योंकि हर कोई यह जानने का इंतजार कर रहा है कि यह शांति समझौता कितनी देर तक कायम रह पाता है।