अमेरिका-ईरान तनाव से कच्चे तेल के दाम गिरे, जारी है उतार-चढ़ाव
ब्रेंट और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड ऑयल दोनों में मंगलवार (2 जून) करीब 0.7 से 0.8 फीसदी तक नीचे आ गए।
अगस्त ब्रेंट क्रूड 94.28 डॉलर (करीब 8,750 रुपये) प्रति बैरल पर और जुलाई WTI क्रूड 91.42 डॉलर (करीब 8,500 रुपये) प्रति बैरल पर पहुंच गया।
तेल की कीमतें इसलिए गिरीं क्योंकि बाजार अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली युद्धविराम बातचीत में बनी अनिश्चितता पर नजर बनाए हुए है, जिसने ट्रेडर्स को चिंता में डाल दिया है।
रूस के जेट फ्यूल निर्यात पर अस्थायी रोक
एक दिन पहले ही बातचीत टूटने के डर से तेल की कीमतें अचानक बढ़ गई थीं। यही वजह है कि आजकल बाजार में काफी अनिश्चितता बनी हुई है।
एक तरफ, ईरान लगातार अहम समुद्री रास्तों पर खतरा बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर रूस ने जेट फ्यूल के निर्यात पर भी अस्थायी रोक लगा दी है। इन दोनों वजहों से ऊर्जा की कीमतों पर भारी दबाव है और वे इस समय बेहद संवेदनशील हो गई हैं।