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आज से गैस सिलेंडर हुआ महंगा, सिगरेट के दाम भी 40 प्रतिशत तक बढ़े
आज से कम अहम वित्तीय बदलाव लागू हो गए हैं

आज से गैस सिलेंडर हुआ महंगा, सिगरेट के दाम भी 40 प्रतिशत तक बढ़े

लेखन आबिद खान
Feb 01, 2026
10:11 am

क्या है खबर?

बजट पेश होने वाले दिन ही आम आदमी की जेब से जुड़े कई अहम बदलाव भी लागू हो गए हैं। आज यानी 1 फरवरी से सिगरेट और तंबाकू उत्पाद महंगे हो गए हैं। वहीं, 19 किलो वाला वाणिज्यिक गैस सिलेंडर भी 50 रुपये तक महंगा हो गया है। दूसरी ओर हवाई सफर सस्ता होने की उम्मीद है, क्योंकि हवाई ईंधन के दाम में 1,000 रुपये प्रति लीटर की गिरावट आई है। आइए आज से लागू हुए अहम बदलाव जानते हैं।

सिगरेट

सिगरेट के दाम 40 प्रतिशत तक बढ़ेंगे

आज से पान मसाला और गुटखा जैसे तंबाकू उत्पादों पर 40 प्रतिशत वस्तु एवं सेवा कर (GST) लगेगा। अभी तक इन उत्पादों पर 28 प्रतिशत GST और कंपनसेशन सेस लगता था। वहीं, सिगरेट पर लंबाई के आधार पर एक्साइज ड्यूटी भी लगेगी। ये प्रति स्टिक 2 रुपये से लेकर 8 रुपये के बीच होगी। इससे सिगरेट और तंबाकू उत्पादों की कीमतों में 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी होने की संभावना है।

सिलेंडर

कमर्शियल गैस सिलेंडर 50 रुपये महंगा

आज से 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमत 49 रुपये बढ़ गई है। जनवरी में भी इन सिलेंडर के दाम 111 रुपये बढ़ाए गए थे। दिल्ली में अब कमर्शियल सिलेंडर 1,740.50 रुपये, चेन्नई में 1,899.50 रुपये, कोलकाता में 1,844.50 रुपये और मुंबई में 1,692.50 रुपये में मिलेगा। हालांकि, घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है। ये अभी भी पिछली बार बदले गए 8 अप्रैल, 2025 के दाम पर ही मिल रहे हैं।

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सस्ता

हवाई सफर हो सकता है सस्ता

तेल कंपनियों ने एयर टर्बाइन फ्यूल (हवाई ईंधन) के दाम 1,000 रुपये तक घटा दिए हैं। इससे एयरलाइंस का खर्च कम होगा, जिसका फायदा यात्रियों को सस्ते सफर के रूप में मिल सकता है। वहीं, भारतीय स्टेट बैंक (SBI) 15 फरवरी से कुछ नियम बदलने जा रहा है। यह नियम IMPS भुगतान पर शुल्क से जुड़े हुए हैं। बैंक ने कुछ IMPS लेनदेन पर सर्विस चार्ज बदलने का फैसला किया है।

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फास्टैग

फास्टैग के लिए अब KYC जरूरी नहीं

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने घोषणा की है कि 1 फरवरी से फास्टैग के लिए KYC वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी तरह से खत्म कर दी जाएगी। जिन वाहनों में पहले से फास्टैग लगा है, उन्हें भी नियमित नो योर व्हीकल (KYV) कराने की जरूरत नहीं होगी। यह जिम्मेदारी अब फास्टैग जारी करने बैंकों की होगी। बैंकों को पहले ही वाहन से जुड़ी सभी जांच पूरी करनी होगी और आपका झंझट कम होगा।

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