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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश कर रही हैं बजट, जानें बड़े ऐलान

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पेश कर रही हैं बजट, जानें बड़े ऐलान

लेखन आबिद खान
Feb 01, 2026
11:45 am

क्या है खबर?

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार 9वीं बार बजट पेश कर रही हैं। उन्होंने अपने बजट भाषण की शुरुआत में कहा कि वे माघपूर्णिमा और रविदास जयंती के पावन अवसर पर बजट पेश कर रही हैं। उन्होंने कहा, "पिछले 12 वर्षों में हमारी सरकार में अर्थव्यवस्था ने साफ और मजबूत दिशा पकड़ी है। इस दौरान आर्थिक स्थिरता बनी रही, सरकारी खर्च और घाटे पर नियंत्रण रखा गया, विकास की रफ्तार लगातार बनी रही और महंगाई भी सीमित दायरे में रही।"

ऐलान

बायोफार्मा नीति, सेमीकंडक्टर और दुर्लभ खनिजों पर बड़े ऐलान

वित्त मंत्री ने कहा कि ज्ञान, तकनीक और नवाचार के जरिए स्वास्थ्य क्षेत्र को आगे बढ़ाने वाली बायोफार्मा नीति से भारत का हेल्थकेयर डिजिटल इकोसिस्टम मजबूत होगा। सरकार ने बायोफार्मा सेक्टर के लिए 10,000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। वित्त मंत्री ने सेमीकंडक्टर मिशन का ऐलान किया। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाने के लिए 40,000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने दुर्लभ खनिजों को लेकर तमिलनाडु, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और केरल में दुर्लभ खनिज कॉरिडोर बनाने का प्रस्ताव पेश किया।

भाषण

वित्त मंत्री बोलीं- 3 'कर्तव्यों' पर आधारित है बजट

वित्त मंत्री ने कहा, "हमने लोगों की सार्वभौमिक विकास पर ध्यान दिया है। इससे 7 प्रतिशत की विकास दर हासिल करने में मदद मिली है।" उन्होंने कहा, "ये बजट 3 कर्तव्यों या जिम्मेदारियों पर आधारित है। पहला- आर्थिक विकास को बढ़ाना और जारी रखना। दूसरा- लोगों की उम्मीदों को पूरा करना और उन्हें देश के विकास में भागीदार बनाना। तीसरा- सबका साथ, सबका विकास के फॉर्मूले के साथ सभी को अवसर उपलब्ध कराना।"

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खादी

विकास के लिए 6 चरण की प्रक्रिया भी पेश

सीतारमण ने कहा कि खादी हैंडलूम क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए ट्रेनिंग, स्किलिंग, उत्पादन और गुणवत्ता निर्धारण के साथ 'महात्मा गांधी ग्राम स्वराज योजना' शुरू की जाएगी। उन्होंने विकास के लिए 6 चरणीय प्रक्रिया पेश की। इसमें रणनीतिक क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ाना, भारत में चैंपियन MSMEs बनाना, पुराने औद्योगिक क्षेत्रों को फिर से जिंदा करना, इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा देना, लंबी अवधि की सुरक्षा और स्थिरता सुनिश्चित करना और रणनीतिक आर्थिक क्षेत्रों का विकास करने के लक्ष्य निर्धारित किए हैं।

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टेक्सटाइल

टेक्सटाइल क्षेत्र के लिए इंटीग्रेटेड प्रोग्राम का ऐलान 

वित्त मंत्री ने टेक्सटाइल क्षेत्र के लिए 5 स्तंभों वाला इंटीग्रेटेड प्रोग्राम प्रस्तावित किया है। इसके तहत नेशनल फाइबर योजना शुरू होगी, जिसमें रेशम, ऊन, जूट जैसी प्राकृतिक फाइबर के साथ-साथ मैन-मेड और नई औद्योगिक-युग की फाइबर में आत्मनिर्भरता पर फोकस। इसके साथ ही टेक्सटाइल एक्सपैंशन एंड एम्प्लॉयमेंट स्कीम और नेशनल हैंडलूम एंड हैंडीक्राफ्ट प्रोग्राम (NHHP) भी शामिल है। यह पैकेज MSME-आधारित टेक्सटाइल इकोसिस्टम को मजबूत करने, निर्यात क्षमता बढ़ाने और रोजगार पैदा करने का काम करेगा।

ऐलान

अब तक के बड़े ऐलान

7 हाई स्पीड रेल कॉरिडोर। बायो फार्मा सेक्टर के लिए 10,000 करोड़ रुपये। बड़े टेक्सटाइल पार्क बनाए जाएंगे। शहरी आर्थिक क्षेत्र पर हर साल 5,000 करोड़ रुपये का खर्च। 20 नए जल मार्ग। 4 राज्यों में खनिज कॉरिडोर। 3 केमिकल पार्क का निर्माण। MSME के लिए 10,000 करोड़ रुपये। 5 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों के लिए 11.2 लाख करोड़ रुपये। 3 अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों और आयुष फार्मेसियों का अपग्रेडेशन।

MSME

MSME पर सरकार को फोकस

बजट में पहले कर्तव्य के तहत चैंपियन MSME के निर्माण पर जोर है। केंद्र और राज्यों के साथ उच्चस्तरीय समितियों का गठन, 200 विरासत औद्योगिक क्लस्टरों को पुनर्जीवित करने की योजना, MSME के लिए 10,000 करोड़ रुपये की SME विकास निधि का प्रस्ताव और आत्मनिर्भर भारत निधि में 2,000 करोड़ रुपये का टॉप-अप का ऐलान किया गया है। MSME के लिए सेल्फ रिलायंट इंडिया फंड बनाया जाएगा, लिक्विडिटी सपोर्ट के लिए ट्रांजेक्शन सैटलमेंट प्रोग्राम और क्रेडिट गारंटी सपोर्ट मैकेनिज्म बनेगा।

 शब्द

बजट से जुड़े तकनीकी शब्दों को आसान भाषा में समझिए

GDP: देश में एक समयसीमा के भीतर उत्पादित की गई वस्तुओं और सेवाओं का बाजार मूल्य। राजकोषीय घाटा: सरकार की कमाई और खर्च का अंतर। आम और अंतरिम बजट: आम बजट पूरे वित्त वर्ष के लिए होता है, जबकि अंतरिम बजट चुनावी साल में पेश होता है। डायरेक्ट टैक्स: वो टैक्स, जो नागरिक सरकार को सीधे देते हैं। जैसे इनकम, वेल्थ और कॉरपोरेट टैक्स। इनडायरेक्ट टैक्स: ये वस्तुओं-सेवाओं पर लगता है। इनमें उत्पाद, सीमा, सेवा शुल्‍क, GST आदि आते हैं।

बजट

न्यूजबाइट्स प्लस

बजट सरकार के आय और व्यय का ब्यौरा होता है। बजट पेश करने से पहले एक सर्वे से कराया जाता है, जिसमें सरकार अनुमान लगाती है कि उसे प्रत्यक्ष कर, अप्रत्यक्ष कर, रेलवे के किराए और अलग-अलग मंत्रालय के जरिए कितनी कमाई होगी। यह भी सामने आता है कि आगामी साल में सरकार का कितना अनुमानित खर्च होगा। आसान शब्दों में बजट एक साल में होने वाले अनुमानित राजस्व (कमाई) और खर्चों (अनुमानित व्यय) का ब्यौरा होता है।

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