भारत में ऐपल की कानूनी लड़ाई तेज, CCI के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट पहुंची कंपनी
क्या है खबर?
टेक दिग्गज कंपनी ऐपल भारत में कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) के साथ अपनी कानूनी लड़ाई तेज कर रही है। कंपनी ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर रेगुलेटर की कार्यवाही पर रोक लगाने की मांग की है। ऐपल का कहना है कि चल रही जांच में रेगुलेटर अपने अधिकारों से आगे बढ़ रहा है। कंपनी के अनुसार, जब मामला कोर्ट में लंबित है, तब सुनवाई आगे बढ़ाना सही नहीं है और इससे न्याय प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
मामला
क्या है पूरा मामला और विवाद?
यह मामला आईफोन ऐप इकोसिस्टम से जुड़ी एंटीट्रस्ट जांच से संबंधित है। CCI का आरोप है कि ऐपल ने ऐप डिस्ट्रीब्यूशन मार्केट में अपनी मजबूत स्थिति का गलत इस्तेमाल किया है। जांच के बाद रेगुलेटर ने कंपनी से वित्तीय जानकारी मांगी है, ताकि संभावित जुर्माने का आकलन किया जा सके। ऐपल ने इस पर आपत्ति जताई है और कहा है कि उसने पहले ही इस कानूनी प्रक्रिया को अदालत में चुनौती दी है, इसलिए अभी डेटा देना उचित नहीं है।
आशंका
जुर्माने और बाजार पर असर की आशंका
इस केस में ऐपल पर भारी जुर्माना लगने की संभावना जताई जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार, यह जुर्माना 38 अरब डॉलर (लगभग 3,600 अरब रुपये) तक पहुंच सकता है, जिससे कंपनी पर बड़ा वित्तीय असर पड़ सकता है। भारत ऐपल के लिए तेजी से बढ़ता बाजार है, जहां आईफोन की हिस्सेदारी करीब 9 प्रतिशत तक पहुंच गई है। कंपनी का कहना है कि वह एंड्रॉयड कंपनियों के मुकाबले छोटा खिलाड़ी है, जो भारतीय स्मार्टफोन बाजार में ज्यादा मजबूत हैं।
जांच
वैश्विक जांच और आगे की सुनवाई
ऐपल को केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के कई देशों में इसी तरह की जांच का सामना करना पड़ रहा है। ऐप स्टोर की नीतियों और प्रतिस्पर्धा को लेकर कई देशों में सवाल उठ रहे हैं। भारत में यह मामला भी उसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। दिल्ली हाई कोर्ट इस याचिका पर मई के मध्य में सुनवाई कर सकता है, जिससे तय होगा कि आगे इस केस की दिशा क्या होगी और नियम कैसे लागू होंगे।