क्यों अमेरिकी एयरलाइंस के ईंधन बिल में हुआ 84 फीसदी इजाफा?
अमेरिकी एयरलाइंस ने मई में जेट ईंधन पर 6.66 अरब डॉलर (करीब 600 अरब रुपये) खर्च किए, जो पिछले साल की तुलना में 84 फीसदी ज्यादा है।
हैरत की बात यह है कि इस साल एयरलाइंस ने पिछले साल के मुकाबले थोड़ा कम ईंधन इस्तेमाल किया है। इसके बावजूद खर्च बढ़ने के पीछे की वजह विमान के ईंधन की कीमतों में हुआ भारी उछाल है। दुनियाभर में ईंधन की आपूर्ति में आई दिक्कतों के कारण यह स्थिति बनी है।
तेल आपूर्ति में रुकावटों से हवाई किराया हुआ महंगा
ईंधन की कीमतों में उछाल की मुख्य वजह मध्य पूर्व में जारी युद्ध था। इसके चलते होर्मुज जलडमरूमध्य से कच्चे तेल की आपूर्ति में बाधा आई है।
पूरी दुनिया को ऊर्जा आपूर्ति के लिए यह रास्ता बेहद अहम है। अमेरिका और ईरान के बीच हुए युद्धविराम के बाद कुछ समय के लिए कीमतें थोड़ी कम हुई थीं, लेकिन यह राहत ज्यादा दिन नहीं रही। नए हमलों और ईरान के तेल पर अमेरिका द्वारा लगाए गए नए प्रतिबंधों के कारण हालात फिर से बिगड़ गए हैं।
इस स्थिति से निपटने के लिए एयरलाइंस को टिकट के दाम बढ़ाने पड़े हैं और कुछ उड़ानें भी रद्द करनी पड़ी हैं, जिसका सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ रहा है।