एयर इंडिया बढ़ती ईंधन लागत के कारण रोजाना करीब 100 फ्लाइट्स करेगी कम
क्या है खबर?
भारतीय एयरलाइन कंपनी एयर इंडिया ने बढ़ती ईंधन लागत के दबाव के बीच अपने उड़ान संचालन में कटौती करने का निर्णय लिया है। कंपनी रोजाना करीब 100 फ्लाइट्स कम करेगी, क्योंकि कई रूट अब लाभदायक नहीं रह गए हैं। इस बदलाव का असर देश और विदेश दोनों तरह की सेवाओं पर पड़ेगा। एयर इंडिया फिलहाल हर दिन लगभग 1100 उड़ानें संचालित करती है, इसलिए यह कमी कुल संचालन का करीब 10 प्रतिशत मानी जा रही है।
असर
लंबी दूरी की उड़ानों पर ज्यादा असर
इस फैसले का सबसे ज्यादा असर लंबी दूरी की अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ने की उम्मीद है। यूरोप, नॉर्थ अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और सिंगापुर जैसे रूट्स पर फ्लाइट्स कम की जा सकती हैं। दिल्ली और मुंबई से लंदन, न्यूयॉर्क, पेरिस और सिडनी जैसे शहरों के लिए उड़ानों में कमी संभव है। इन रूट्स पर फ्यूल खर्च ज्यादा होता है और मुनाफा कम हो रहा है, इसलिए कंपनी अब कमाई वाले रूट्स पर ज्यादा ध्यान दे रही है।
वजह
फ्यूल कीमत और वैश्विक हालात बड़ी वजह
एटीएफ की कीमतों में हाल के हफ्तों में करीब 80 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हुई है, जिससे एयरलाइंस का खर्च काफी बढ़ गया है। आमतौर पर एयरलाइन के कुल खर्च का बड़ा हिस्सा फ्यूल पर ही होता है। इसके अलावा, जियोपॉलिटिकल तनाव और एयरस्पेस बंद होने के कारण फ्लाइट्स को लंबा रास्ता लेना पड़ रहा है। इससे समय और लागत दोनों बढ़ रहे हैं, जिससे कंपनियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है।
इंडस्ट्री
यात्रियों और इंडस्ट्री पर असर
इस फैसले का असर यात्रियों पर भी दिख सकता है। आने वाले समय में टिकट की कीमतें बढ़ सकती हैं और फ्लाइट्स के विकल्प कम हो सकते हैं। इंडस्ट्री संगठनों ने सरकार से टैक्स कम करने की मांग की है ताकि राहत मिल सके। एक्सपर्ट्स का मानना है कि एयरलाइंस आगे भी ऐसे कदम उठा सकती हैं। इससे यात्रियों को महंगे टिकट और कम सुविधा का सामना करना पड़ सकता है।