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मोटर वाहन टैक्स सिर्फ सार्वजनिक जगह के उपयोग पर ही किया जाए लागू- सुप्रीम कोर्ट 
मोटर वाहन टैक्स सार्वजनिक जगह के उपयोग पर ही लागू किया जा सकता है

मोटर वाहन टैक्स सिर्फ सार्वजनिक जगह के उपयोग पर ही किया जाए लागू- सुप्रीम कोर्ट 

Aug 31, 2025
06:34 pm

क्या है खबर?

सुप्रीम कोर्ट ने मोटर वाहन टैक्स पर एक अहम फैसला दिया है। जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस उज्जल भुयान की बेंच ने कहा कि अगर कोई वाहन सार्वजनिक जगह पर न तो इस्तेमाल होता है और न ही इस्तेमाल के लिए रखा जाता है, तो उस पर मोटर वाहन टैक्स नहीं लगाया जा सकता। अदालत ने साफ किया कि यह टैक्स केवल उसी स्थिति में वसूला जा सकता है जब वाहन सार्वजनिक सड़कों और ढांचे का उपयोग करे।

मामला

क्या है मामला?

यह मामला आंध्र प्रदेश की एक फर्म से जुड़ा है, जो 1985 से लॉजिस्टिक सेवाएं दे रही है। फर्म ने अपने वाहन केवल राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड (RINL) के प्रतिबंधित परिसर में उपयोग किए थे। जब फर्म ने इस अवधि के लिए टैक्स से छूट मांगी, तो अधिकारियों ने इनकार कर दिया। मामला आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट पहुंचा, जहां पहले एकल न्यायाधीश ने राहत दी, लेकिन बाद में खंडपीठ ने फैसला पलट दिया।

टिप्पणी 

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आंध्र प्रदेश मोटर वाहन कराधान अधिनियम, 1963 की धारा 3 कर लगाने का अधिकार देती है। हालांकि, टैक्स तभी लागू होगा, जब वाहन सार्वजनिक स्थान पर चलाया जाए या उपयोग के लिए रखा जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि अगर वाहन केवल किसी प्रतिबंधित या निजी क्षेत्र में चलाया जाता है, तो इसे 'सार्वजनिक स्थान' नहीं माना जा सकता। ऐसे में उस अवधि के लिए टैक्स नहीं लगाया जा सकता है।

निष्कर्ष

फर्म का पक्ष और अदालत का निष्कर्ष

फर्म ने अदालत में बताया कि उसके 36 वाहन केवल विशाखापत्तनम स्टील प्लांट के केंद्रीय डिस्पैच यार्ड में चलते थे, जो चारदीवारी और सुरक्षा बलों से घिरा प्रतिबंधित इलाका है। वहां आम जनता का प्रवेश नहीं होता। सुप्रीम कोर्ट ने माना कि यह 'सार्वजनिक स्थान' नहीं है, इसलिए टैक्स वसूलना गलत था। अदालत ने अपील स्वीकार करते हुए कहा कि उस अवधि के लिए फर्म पर टैक्स नहीं लगाया जा सकता है।