भारत यूरोपीय संघ की कारों पर 10 फीसदी तक कम करेगा टैरिफ, पुर्जों पर होगा खत्म
क्या है खबर?
भारत और यूरोपीय संघ के बीच लगभग 2 दशकों की बातचीत के बाद मंगलवार (27 जनवरी) को एक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर सफलतापूर्वक हस्ताक्षर हो गए हैं। इसके तहत कारों पर टैरिफ 110 से घटाकर धीरे-धीरे 10 फीसदी कर दिया जाएगा। यह समझौता 2.5 लाख कारों के वार्षिक कोटा पर लागू होगा। इसके अलावा भारत सरकार 5 से 10 वर्षों के भीतर कार के पुर्जों पर शुल्क को पूरी तरह से समाप्त कर देगी।
दायर
समझौते में ऐसी कारों पर मिलेगी छूट
वर्तमान में भारत द्वारा कंपलीट बिल्ट यूनिट (CBU) पर आयात शुल्क 40,000 डॉलर (36 लाख रुपये) से अधिक कीमत वाली कारों के लिए 110 प्रतिशत और 40,000 डॉलर तक की कीमत वाली कारों के लिए 70 प्रतिशत शुल्क लगाया जाता है। यह छूट अभी केवल आंतरिक दहन इंजन (ICE) वाहनों पर लागू होगी। FTA समझौते के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों को कोई राहत नहीं दी गई है, जिसकी वजह भारतीय कंपनियों को राहत देना बताया जा रहा है।
फायदा
किन्हें मिलेगा इस छूट का फायदा?
कम टैरिफ से फॉक्सवैगन, रेनो और स्टेलेंटिस जैसी यूरोपीय ऑटोमोबाइल कंपनियों के साथ-साथ मर्सिडीज-बेंज और BMW जैसी लग्जरी कंपनियों को भी बढ़ावा मिलेगा, जो भारत में स्थानीय स्तर पर कारों का निर्माण करती हैं। भारत के 44 लाख प्रति वर्ष के कार बाजार में यूरोपीय कार निर्माताओं की हिस्सेदारी 4 फीसदी से भी कम है। इस पर जापान की सुजुकी मोटर के साथ-साथ घरेलू महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाटा मोटर्स का दबदबा है, जो मिलकर दो-तिहाई हिस्सेदारी रखते हैं।