
विदेशों में गाड़ी चलाने के लिए इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस है जरूरी, ऐसे करें आवेदन
क्या है खबर?
जिस तरह देश में वाहन चालने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस की जरूरत होती है, उसी तरह देश के बाहर यानी विदेशों में वाहन चलाने के लिए इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस की जरूरत होती है।
उसके बिना आप विदेशों में ड्राइविंग नहीं कर सकते।
अगर आप विदेश जाकर ड्राइविंग करने की इच्छा रखते हैं तो भारत में ही क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) जाकर इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस बनवा सकते हैं।
इसके लिए आपको कई दस्तावेजों और आवेदन फीस देने की जरूरत होगी।
जानकारी
ड्राइविंग लाइसेंस होना है जरूरी
इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस (IDL) उसको ही दिया जाता है, जो भारत का नागरिक हो और जिसकी आयु 18 वर्ष से ज्यादा हो।
साथ ही इसके लिए आपके पास ड्राइविंग लाइसेंस होना चाहिए।
IDL कई भाषाओं अंग्रेजी, अरबी, फ्रेंच, चीनी, इतालवी, जर्मन, पुर्तगाली, स्पेनिश आदि में प्राप्त कर सकते हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कई देशों में भारतीय ड्राइविंग लाइसेंस को अनुमति दी गई है, लेकिन लंबे समय तक ड्राइविंग के लिए IDL की जरूरत होती है।
प्रक्रिया
क्या है प्रक्रिया?
IDL के लिए आपको अपने नजदीकी RTO में जाना होगा।
इसके बाद वहां से इसके लिए फॉर्म लेना होगा या फिर RTO को सभी जानकारी कि आप विदेश क्यों जा रहे हैं और IDL क्यों चाहिए आदि लिखकर देनी होगी।
इसके अलावा आपको अपनी व्यक्तिगत जानकारी जैसे नाम, पता और ड्राइविंग लाइसेंस नंबर आदि भी देनी होगी।
आपको फीस का भुगतान भी करना होगा। फॉर्म और दस्तावेज जमा करते समय आपको इसके लिए 1,000 रुपये फीस देनी होगी।
दस्तावेज
इन दस्तावेजों की पड़ेगी जरूरत
IDL के लिए फॉर्म के साथ-साथ मान्य ड्राइविंग लाइसेंस की कॉपी, पासपोर्ट और वीजा की कॉपी, टिकट की कॉपी, आवेदन पत्र में बताया गया मेडिकल सर्टिफिकेट, पांच पासपोर्ट साइज फोटो, भारतीय नागरिकता का सर्टिफिकेट, पते का प्रमाण और उम्र प्रमाण पत्र की फोटोकॉपी होनी चाहिए।
अगर ऊपर बताए सभी दस्तावेजों में से एक भी कम हुआ तो आपका आवेदन पत्र स्वीकार नहीं होगा और आपको IDL नहीं दिया जाएगा।
फायदे
इसके होते हैं कई फायदे
प्रक्रिया पूरी होने के बाद लगभग एक सप्ताह के भीतर आपको आपका IDL मिल जाएगा।
बता दें कि इसके कई फायदे होते हैं। इसे लगभग 150 देशों द्वारा स्वीकार किया जाता है।
यह एक पहचान पत्र तरह भी काम करता है। विदेशी भाषा में होने के कारण यह पहचान पत्र के तौर पर काम आएगा।
इसे जरिये आपको किराये पर मकान मिलने में भी आसानी होगी।
इससे आप विदेश में आराम से बिना की चिंता के ड्राइविंग कर पाएंगे।