LOADING...
इंजन ऑयल बदलने में करते हैं देरी? हो सकता है यह बड़ा नुकसान
यह आदत भारी नुकसान का कारण बन सकती है

इंजन ऑयल बदलने में करते हैं देरी? हो सकता है यह बड़ा नुकसान

Jan 23, 2026
09:25 am

क्या है खबर?

कई लोग इंजन ऑयल बदलने को छोटी बात समझकर टाल देते हैं, लेकिन यह आदत भारी नुकसान का कारण बन सकती है। इंजन ऑयल का काम कार इंजन के अंदर के हिस्सों को चिकनाई देना और गर्मी कम करना होता है। समय पर ऑयल न बदलने से उसकी गुणवत्ता खराब हो जाती है। गंदा ऑयल इंजन को सही सुरक्षा नहीं दे पाता। इससे धीरे-धीरे इंजन पर दबाव बढ़ता है और गाड़ी की परफॉर्मेंस भी कमजोर होने लगती है।

नुकसान

देरी से बदलने पर क्या नुकसान होता है?

इंजन ऑयल ज्यादा समय तक न बदलने से उसमें गंदगी और कार्बन जमा होने लगता है। यह जमा ग्रीस इंजन के अंदरूनी हिस्सों में रुकावट पैदा करता है। नतीजा यह होता है कि इंजन ज्यादा गर्म होने लगता है। कई मामलों में पिस्टन, सिलेंडर और बेयरिंग को नुकसान पहुंच सकता है। लंबे समय तक ऐसी लापरवाही करने पर इंजन जाम होने का खतरा भी रहता है, जिससे मरम्मत का खर्च बहुत ज्यादा बढ़ सकता है।

असर

गाड़ी के माइलेज और आवाज पर असर

पुराना इंजन ऑयल गाड़ी के माइलेज को भी प्रभावित करता है। इंजन को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे ईंधन की खपत बढ़ जाती है। इसके अलावा, इंजन से आवाज आना, वाइब्रेशन बढ़ना और पिकअप कमजोर होना भी इसके संकेत हैं। कई बार लोग इन संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं। यही छोटी-छोटी बातें आगे चलकर बड़ी समस्या बन जाती हैं और गाड़ी की उम्र भी कम होने लगती है।

Advertisement

फायदा

सही समय पर ऑयल बदलने का फायदा

अगर इंजन ऑयल सही समय पर बदला जाए, तो इंजन लंबे समय तक स्वस्थ रहता है। गाड़ी स्मूद चलती है और माइलेज भी बेहतर बना रहता है। आमतौर पर हर 8,000 से 10,000 किलोमीटर में ऑयल बदलना सही माना जाता है, लेकिन यह गाड़ी और ऑयल के प्रकार पर निर्भर करता है। नियमित सर्विस और ऑयल चेक करने की आदत बड़ी खराबी से बचा सकती है और आपकी जेब पर भी कम बोझ डालती है।

Advertisement