BYD भारत में असेंबली विकल्पों पर कर रही विचार, जानिए क्या है वजह
क्या है खबर?
भारत में इलेक्ट्रिक कारों की बढ़ती मांग को देखते हुए BYD स्थानीय असेंबली विकल्पों पर विचार कर रही है। पिछले साल कंपनी की बिक्री में लगभग 88 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह लगभग 5,500 कारों तक पहुंच गई। यह वृद्धि कंपलीट बिल्ट यूनिट के आयात को सालाना 2,500 कारों तक सीमित होने के बावजूद हुई है। सूत्रों का कहना है कि डीलर्स के ऑर्डर लगातार बढ़ते रहने के कारण कंपनी आपूर्ति बढ़ाने के तरीकों पर विचार कर रही है।
अनुमोदन
नियामक अनुमोदन पर भी चल रहा काम
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, आयात प्रतिबंध को दूर करने के लिए BYD स्थानीय असेंबली पर विचार कर रही है और अधिक मॉडल्स के लिए सुरक्षा और नियामक अनुमोदन प्राप्त करने पर काम कर रही है। कंपनी वर्तमान में अट्टो-3 कॉम्पैक्ट इलेक्ट्रिक SUV और ईमैक्स 7 MPV बेचती है, जो कोटा से अधिक आयात की अनुमति के साथ-साथ सीलियन 7 और सील बेचती है। कारों पर लगने वाला 110 फीसदी तक आयात शुल्क BYD की रणनीति को प्रभावित करते हैं।
फायदा
स्थानीय असेंबल से ये होगा फायदा
रिपोर्ट के अनुसार, भारत ने पहले BYD की पूर्ण असेंबली प्लांट की योजना को खारिज कर दिया था, लेकिन अब कंपनी सेमी-नॉक्ड डाउन (SKD) असेंबली पर विचार कर रही है। यह तरीका सस्ता होगा और इसे मंजूरी मिलना आसान होगा, जिससे टैरिफ 70 प्रतिशत से घटकर 30 प्रतिशत तक हो सकता है और मूल्य निर्धारण और आपूर्ति में अधिक लचीलापन आ सकेगा। बता दें कि अभी मजबूत मांग के चलते डीलर्स ने सैकड़ों बुकिंग रोक रखी हैं।