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यमन के हूतियों ने रियाद हवाई अड्डे से लेकर अरामको रिफाइनरी तक हमलों की जिम्मेदारी ली
यमन के हूतियों ने रियाद हवाई अड्डे से लेकर अरामको रिफाइनरी तक हमलों की जिम्मेदारी ली (प्रतीकात्मक तस्वीर)

यमन के हूतियों ने रियाद हवाई अड्डे से लेकर अरामको रिफाइनरी तक हमलों की जिम्मेदारी ली

लेखन गजेंद्र
Oct 06, 2026
10:55 am

क्या है खबर?

सऊदी अरब में यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों का हमला बढ़ता जा रहा है। सोमवार को विद्रोहियों ने कई प्रमुख ठिकानों पर ड्रोन-मिसाइल हमले किए हैं। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने कहा कि समूह ने हमलों में ड्रोन के साथ-साथ बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल किया। उन्होंने बताया कि रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, राबिग स्थित अरामको रिफाइनरी और दक्षिणी सऊदी अरब में सैन्य ठिकानों और छोटे हवाई अड्डों को निशाना बनाया गया है।

हमला

सऊदी अरब ने भी दिया जवाब

सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने भी यमन में हूतियों के खिलाफ अपने सैन्य अभियान को तेज कर दिया है। हालांकि, उसने अभी तक हूती विद्रोहियों के दावों पर कोई टिप्पणी नहीं की है।

सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता तुर्की अल-मल्की ने कहा कि सऊदी नौसेना बलों ने लाल सागर तट पर स्थित हूती-नियंत्रित बंदरगाह शहर होदेइदाह में "सैन्य लक्ष्यों" पर हमले किए हैं।

अभियान में हथियारों के डिपो, बारूदी सुरंगों से लैस नौकाओं, नौसैनिक खदानों को नष्ट किया गया।

मदद

पाकिस्तान और तुर्की ने मदद का वादा किया

सऊदी और यमन हूतियों के बीच लड़ाई पिछले महीने यमन के लाल सागर तट और बाब अल-मंडाब जलडमरूमध्य के पास हूतियों के कब्जे के बाद हुई है।

इस बीच, सऊदी अरब ने मक्का संयुक्त रक्षा समझौते के तहत पाकिस्तान और तुर्की से सैन्य समर्थन हासिल कर लिया है। इस्लामाबाद और अंकारा सऊदी अरब में सेना तैनात करेंगे।

यमन में सऊदी अरब समर्थित मान्यता प्राप्त सरकार भी हूति विद्रोहियों के कब्जे वाले क्षेत्र को वापस लेने में जुटी है।

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