ईरान-अमेरिका में युद्धविराम आगे बढ़ेगा या दोबारा शुरू होगी जंग, अब किन मुद्दों पर मतभेद?
क्या है खबर?
ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्धविराम 22 अप्रैल को खत्म होने वाला है। इससे पहले दूसरे दौर की वार्ता और युद्धविराम आगे बढ़ाने को लेकर कुछ भी स्पष्ट नहीं है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को एक दिन के लिए खोलकर फिर बंद कर दिया है। इस्लामाबाद में बातचीत पर भी दोनों देशों ने कुछ नहीं कहा है। इससे दोनों देशों में दोबारा युद्ध शुरू होने की आशंकाओं को बल मिल रहा है। आइए जानते हैं क्या युद्धविराम आगे बढे़गा।
ईरान का बयान
ईरान ने कहा- अमेरिका के साथ समझौता अभी बहुत दूर
ईरान ने कहा है कि अमेरिका के साथ बातचीत में सीमित प्रगति हुई है, लेकिन दोनों पक्ष अभी भी अंतिम समझौते पर पहुंचने से बहुत दूर हैं। ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बगेर गालिबाफ ने कहा, "अमेरिका के साथ बातचीत में कुछ प्रगति हुई है, लेकिन अभी भी कई महत्वपूर्ण मुद्दे अनसुलझे हैं। प्रमुख मतभेद अभी भी बने हुए हैं, जिसके कारण समझौते की शर्तों को अंतिम रूप देने की दिशा में कोई प्रगति नहीं हो पा रही है।"
राष्ट्रपति का बयान
ईरानी राष्ट्रपति बोले- कोई भी परमाणु अधिकारों से वंचित नहीं कर सकता
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्किया ने कहा कि ईरान मौजूदा संघर्ष को 'गरिमापूर्ण तरीके से' खत्म करने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, उन्होंने ये भी कहा कि किसी भी देश को ईरान को उसके वैध परमाणु अधिकारों से वंचित करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा, "किसी को भी हमारे परमाणु अधिकारों से हमें वंचित करने का अधिकार नहीं है। हमारी मांग है कि सभी लोगों के बीच समानता के आधार पर हमारे साथ व्यवहार किया जाए।"
होर्मुज
होर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी बंद
लेबनान और इजरायल में युद्धविराम होने के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी बंद है। बीते दिन 2 भारतीय जहाजों ने यहां से निकलने की कोशिश की, जिन पर गोलीबारी की गई। यहां ईरान के साथ अमेरिका ने भी नाकेबंदी कर रखी है। ईरान का कहना है कि जब तक होर्मुज से उसके जहाज नहीं गुजरेंगे, वो कोई और जहाज भी नहीं गुजरने देगा। यानी होर्मुज को लेकर अभी कोई बात नहीं बन पाई है।
अमेरिका
अमेरिका का क्या कहना है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार विरोधाभासी बयान दे रहे हैं। एक तरफ वे कहते हैं कि ईरान से समझौता करीब है वहीं, दूसरी ओर बमबारी को लेकर कोई बयान दे देते हैं। हाल ही में उन्होंने कहा कि 100 प्रतिशत समझौता होने तक ईरान पर नौसैनिक नाकेबंदी जारी रहेगी। ईरान ने इसे युद्धविराम का उल्लंघन कहा है। व्हाइट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम में ट्रंप ने कहा कि ईरान हमें धमका नहीं सकता।
बातचीत
पाकिस्तान में जल्द बातचीत की उम्मीद
अमेरिका-ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत जल्द हो सकती है। अल जजीरा ने बताया है कि यह बैठक शुक्रवार से पहले इस्लामाबाद में हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, रावलपिंडी के नूर खान एयरबेस पर अमेरिका के दो C-17 ग्लोबमास्टर विमान उतरे हैं, जिससे बातचीत की तैयारियों के संकेत मिल रहे हैं। वहीं, ट्रंप ने कहा है कि उनके प्रतिनिधि कल शाम इस्लामाबाद पहुंचेंगे। अमेरिकी सुरक्षा अधिकारी इस्लामाबाद पहुंच चुके हैं।
मतभेद
कम से कम 3 मुद्दों पर दोनों देशों में मतभेद
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका-ईरान में 3 मुद्दों पर गंभीर मतभेद हैं- यूरेनियम संवर्धन, परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही। अमेरिका चाहता है कि ईरान संवर्धित यूरेनियम उसे सौंपे, लेकिन ईरान ने ऐसा करने से मना कर दिया है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम अनिश्चितकाल के लिए रोकने पर सहमत हुआ है, लेकिन ईरान ने ये समयसीमा 5 साल बताई है। होर्मुज पर टोल और नियंत्रण को लेकर भी गहरे मतभेद हैं।