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डिमोना को क्यों कहा जाता है 'मिनी इंडिया', यहां ईरान ने क्यों किया हमला? 
ईरान ने इजरायल के डिमोना शहर पर हमला किया है

डिमोना को क्यों कहा जाता है 'मिनी इंडिया', यहां ईरान ने क्यों किया हमला? 

लेखन आबिद खान
Mar 22, 2026
05:24 pm

क्या है खबर?

ईरान ने आज दक्षिणी इजरायली शहर डिमोना पर मिसाइलें दागी हैं, जिनमें भारी नुकसान हुआ है। इजरायल की राष्ट्रीय आपातकालीन चिकित्सा सेवा मगेन डेविड अदोम के अनुसार, डिमोना में 3 दर्जन से अधिक लोगों को तुरंत इलाज की जरूरत पड़ी है। ईरान ने बताया कि नतांज में उसके परमाणु संयंत्र पर हुए हमले के जवाब में ये मिसाइलें दागी गई हैं। आइए जानते हैं डिमोना को क्यों 'मिनी इंडिया' कहा जाता है।

हमला

डिमोना पर ईरानी हमले के बारे में क्या पता है?

डिमोना में हुए हमले में एक इमारत ढह गई, जिसमें 10 वर्षीय बच्चे और 40 वर्षीय महिला सहित कम से कम 47 लोग घायल हो गए हैं। ईरान की 2 बैलिस्टिक मिसाइलें सीधे इमारतों पर गिरीं, जिससे इमारतों के सामने के हिस्से उड़ गए और जमीन में बड़े गड्ढे हो गए। दमकल विभाग ने बताया गया कि मिसाइलों में सैकड़ों किलोग्राम वॉरहेड लगे थे, जिससे ज्यादा नुकसान हुआ। इजरायली सेना ने बताया कि वे घटना की जांच कर रहे हैं।

शहर

अब डिमोना शहर के बारे में जानिए

डिमोना शहर दक्षिणी इजरायल के नेगेव रेगिस्तान में है और अपने परमाणु संयंत्र के गुंबदनुमा ढांचे के लिए प्रसिद्ध है। शहर की आबादी करीब 75,000 बताई जाती है। इस शहर को नेगेव रेगिस्तान में इजरायल के लिए सैन्य, तकनीकी और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे का अहम केंद्र माना जाता है। डिमोना के पास ही अरद शहर पर भी ईरान ने हमला किया है, जो एक आवासीय और लॉजिस्टिकल हब के तौर पर कार्य करता है।

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मिनी इंडिया

डिमोना को क्यों कहा जाता है 'मिनी इंडिया'?

डिमोना में बड़ी संख्या में भारतीय-यहूदी आबादी रहती है, जिनमें से ज्यादातर महाराष्ट्र से हैं। शहर में भारतीय दुकानों की भरमार है और मराठी भाषा भी बोली जाती है। यहां भारतीय मूल के करीब 7,500 लोग यहां रहते हैं। भारत से इनके मजबूत संबंध हैं। यहां क्रिकेट काफी लोकप्रिय है और सोनपापड़ी, गुलाब जामुन और भेलपुरी जैसे भारतीय व्यंजन भी कई दुकानों पर मिलते हैं। इसी कारण डिमोना को 'लिटिल इंडिया' कहा जाता है।

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भारतीय

भारत के किन-किन हिस्सों से इजरायल गए लोग?

तेल अवीव स्थित भारतीय दूतावास के अनुसार, भारत से इजरायल में प्रवासन 1950 और 1960 के दशक में ज्यादा हुआ था। इनमें से ज्यादातर महाराष्ट्र, जबकि कुछ केरल और कोलकाता से हैं। हाल के वर्षों में मिजोरम और मणिपुर से भी कुछ भारतीय यहूदी इजरायल में जाकर बस रहे हैं। ये लोग अधिकतर हीरे के व्यापारी, IT पेशेवर और केयरटेकर के तौर पर काम करते हैं। भारतीय मूल की आबादी हाइफा, तेल अवीव, नेतान्या और अफुला में भी रहती है।

हमला

ईरान ने क्यों किया डिमोना पर हमला?

डिमोना के पास ही इजरायल का प्रमुख परमाणु संयंत्र है। माना जाता है कि यहां इजरायल का अघोषित परमाणु हथियारों का जखीरा है। इस परमाणु सुविधा का निर्माण 1958 में शुरू हुआ था। माना जाता है कि यह रिएक्टर 1962 और 1964 के बीच सक्रिय हो गया था। यह भी माना जाता है कि इजरायल ने अपना पहला परमाणु बम 1967 में यहीं पर विकसित किया था। हालांकि, इजरायल का कहना है कि ये रिएक्टर केवल शोध के लिए है।

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