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#NewsBytesExplainer: नेपाल के संभावित अगले प्रधानमंत्री बालेन शाह कौन हैं, भारत को लेकर क्या है रूख?
बालेन शाह नेपाल के अगले प्रधानमंत्री बनने की रेस में सबसे आगे हैं

#NewsBytesExplainer: नेपाल के संभावित अगले प्रधानमंत्री बालेन शाह कौन हैं, भारत को लेकर क्या है रूख?

लेखन आबिद खान
संपादन भारत शर्मा
Mar 07, 2026
06:56 pm

क्या है खबर?

नेपाल में हुए आम चुनाव के लिए आज मतगणना जारी है। रुझानों में रैपर और काठमांडू के मेयर रहे बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की पार्टी CPN-UML बुरी तरीके से पिछड़ गई है। खुद ओली को भी हार का मुंह देखना पड़ा हैं। इसी के साथ बालेन का प्रधानमंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। आइए समझते हैं उनका जीतना भारत के लिए कैसा है।

जीत

बालेन ने दर्ज की बड़ी जीत

बालेन ने इस चुनाव में बहुचर्चित झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र में पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को लगभग 50,000 वोटों से हराकर एक चौंकाने वाला राजनीतिक उलटफेर किया है। चुनाव आयोग के अनुसार, बोलेन को कुल 68,348 वोट मिले, जबकि नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के अध्यक्ष केपी ओली केवल 18,734 वोट प्राप्त करने में सफल रहे हैं। अंतिम चुनाव परिणामों के अनुसार, जीत का अंतर 49,614 वोटों का रहा है।

रैपर

बालेन ने गानों में भ्रष्टाचार-असामानता जैसे मुद्दों को उठाया 

राजनीति में आने से पहले बालेन नेपाल के अंडरग्राउंड हिप-हॉप सीन के बड़े नाम थे। 2013 में उन्होंने 'रॉ बार्ज' नाम से रैप बैटल प्लेटफॉर्म शुरू किया। अपने गानों में बालेन ने भ्रष्टाचार और असमानता जैसे मुद्दों को जगह दी। यही वजह है कि पिछले साल सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ शुरू हुए प्रदर्शनों के दौरान युवाओं के बीच उनकी लोकप्रियता और बढ़ गई, क्योंकि इन प्रदर्शनों में भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और आर्थिक ठहराव को लेकर भी गुस्सा था।

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परिचय

कौन हैं बालेन शाह?

बालेन का जन्म 27 अप्रैल, 1990 को राजधानी काठमांडू में हुआ था। उनके पिता राम नारायण शाह आयुर्वेद डॉक्टर हैं और मां का नाम ध्रुवदेवी शाह है। उन्होंने भारत से पढ़ाई की है और पेशे से सिविल इंजीनियर हैं। 35 साल के बालेन कई साल से नेपाल के हिप-हॉप संगीत जगत 'नेफहॉप' से जुड़े रहे हैं। उन्होंने 2022 में स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर काठमांडू के मेयर का चुनाव जीता और युवाओं के बीच लोकप्रिय हुए।

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राजनीति

कैसे हुआ राजनीति में प्रवेश?

बालेन ने 2022 में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में काठमांडू मेयर चुनाव जीता और 61,000 से भी ज्यादा वोटों से जीत हासिल की। उन्होंने कचरा प्रबंधन, सड़क सुधार और भ्रष्टाचार विरोधी कदमों को अपने चुनावी अभियान के केंद्र में रखा। 2026 के आम चुनाव से पहले वे RSP से जुड़े और प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बने। जेन जी विरोध प्रदर्शनों के बाद वे युवाओं के चेहरे बन गए। यह पार्टी 4 साल पहले एक पत्रकार रबि लामिछाने ने बनाई थी।

भारत

भारत विरोधी बयान देते रहे हैं बालेन

बालेन के कुछ पुराने बयानों ने भारत को चिंता में डाला था। 2023 में उन्होंने बॉलीवुड फिल्म में सीता को 'भारत की बेटी' कहने पर भारतीय फिल्मों पर बैन की मांग की थी। उनका तर्क था कि नेपाली परंपरा में सीता का जन्म नेपाल या नेपाल-बिहार सीमा पर माना जाता है। उन्होंने अपने कार्यालय में 'ग्रेटर नेपाल' का नक्शा भी लगाया था, जिसमें कुछ भारतीय क्षेत्रों को भी नेपाल का हिस्सा दर्शाया गया था।

पार्टी

भारत के प्रति कैसा है बालेन की पार्टी का नजरिया?

RSP की 'नेपाल प्रथम' नीति नेपाल को भारत और चीन के बीच 'ज्वलंत पुल' बनाने की बात करती है। पार्टी ने 1950 के भारत-नेपाल संधि को नया रूप देने की बात कही है। जानकारों का मानना है कि इसे भारत के लिए अच्छी खबर कहा जा सकता है, क्योंकि दोनों देशों में पुराने ऐतिहासिक जुड़ाव की जगह अब व्यावहारिक साझेदारी ले सकती है, जहां नेपाल की IT और ऊर्जा महत्वाकांक्षाएं भारत के साथ मिलकर काम करेंगी।

चीन

चीन को लेकर क्या है रुख?

वर्ष 2025 में एक पोस्ट में बालेन ने भारत, अमेरिका और चीन के खिलाफ गाली-गलौज वाली भाषा इस्तेमाल की थी। विवाद बढ़ने के बाद इसे डिलीट कर दिया था। RSP के घोषणा पत्र में चीन की BRR से जुड़े दमक इंडस्ट्रियल पार्क परियोजना को हटा दिया गया है। ये ओली के गढ़ झापा-5 में बनने वाली थी। जानकार इसे सिलीगुड़ी कॉरिडोर के नजरिए से भारत के लिए राहत की बात मान रहे हैं।

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