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#NewsBytesExplainer: क्या ट्रंप को लौटाना होगा वसूला गया टैरिफ, आगे क्या-क्या हो सकता है?
डोनाल्ड ट्रंप को टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है

#NewsBytesExplainer: क्या ट्रंप को लौटाना होगा वसूला गया टैरिफ, आगे क्या-क्या हो सकता है?

लेखन आबिद खान
Feb 21, 2026
03:08 pm

क्या है खबर?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अमेरिकी शीर्ष कोर्ट ने टैरिफ को अवैध बताते हुए इन्हें रद्द कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि 1977 का कानून राष्ट्रपति को संसद की मंजूरी के बिना मनमाने तरीके से टैरिफ लगाने का अधिकार नहीं देता है और ऐसा कर ट्रंप ने सीमा लांघी है। इसके बाद ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट की आलोचना की है। आइए जानते हैं आगे क्या हो सकता है।

टैरिफ

अभी तक वसूले गए टैरिफ का क्या होगा?

टैरिफ लागू होने के बाद से ट्रंप प्रशासन अब तक करीब 12 लाख करोड़ रुपये वसूल चुका है। बड़ा सवाल है कि इस टैरिफ का क्या होगा? कोर्ट ने भी इसे लेकर कुछ नहीं कहा है कि ये राशि लौटानी होगी या नहीं। अब इस मुद्दे पर निचली अदालतों में सुनवाई होने की उम्मीद है। समाचार एजेंसी AFP ने ING के विश्लेषक कार्सटेन ब्रेजस्की और जूलियन गीब के हवाले से कहा कि संभवतः अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय व्यापार न्यायालय इसकी देखरेख करेगा।

कंपनी

किसे लौटाया जाएगा वसूला गया टैरिफ?

टैरिफ लौटाने की मांग प्रमुख तौर पर कंपनियां कर रही हैं। इसके अलावा वे उपभोक्ता भी कतार में हैं, जिन्हें टैरिफ के चलते ज्यादा कीमत चुकानी पड़ी है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने संदेह जताया है कि शायद ही आम अमेरिकियों को मुआवजा मिलेगा। कार्सटेन ब्रेजस्की ने कहा, "जो आयातक अपना पैसा वापस चाहता है, उन्हें व्यक्तिगत रूप से मुकदमा दायर करना होगा। यह प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। 1,000 से ज्यादा कॉर्पोरेट कोर्ट पहुंच चुके हैं।"

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पिछले मामले

क्या पहले कभी लौटाया गया है शुल्क?

इससे पहले 1990 के दशक में कोर्ट ने निर्यात पर हार्बर मेंटेनेंस फीस को गैरकानूनी करार दिया था और सरकार को निर्यातकों को पैसे लौटाने का आदेश दिया था। तब इसके लिए एक पूरी प्रक्रिया बनाई गई थी। हालांकि, तब राशि और कंपनियों का दायरा इतना बड़ा नहीं था, जितना फिलहाल है। लॉ फर्म डोर्सी एंड व्हिटनी के वकील डेव टाउनसेंड ने एसोसिएटेड प्रेस से कहा, "एजेंसी रिफंड के मौजूदा सिस्टम को और बेहतर बनाने की कोशिश कर सकती है।"

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10 प्रतिशत टैरिफ

ट्रंप ने सभी देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ क्यों लगाया?

कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद ट्रंप ने सभी देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया है, जो तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। अटलांटिक काउंसिल में अंतरराष्ट्रीय अर्थशास्त्र के अध्यक्ष जोश लिपस्की ने AFP से कहा, "यह फैसला ट्रंप की टैरिफ नीति में केवल एक नया अध्याय है। इससे व्यवसायों को अनिश्चितता और अस्थिरता का सामना करना पड़ेगा, देशों के लिए व्यापारिक सौदों पर बातचीत करना और भी मुश्किल होगा।"

आगे

आगे क्या हो सकता है?

वित्त मंत्री बेसेंट ने संकेत दिए हैं कि अमेरिका दूसरे तरीकों से देशों पर टैरिफ लगाना जारी रखेगा। उन्होंने कहा, "हम देशों के लिए उसी टैरिफ स्तर पर वापस आ जाएंगे। बस यह थोड़ा कम प्रत्यक्ष और कुछ अधिक जटिल तरीके से होगा।" नेवी फेडरल क्रेडिट यूनियन की मुख्य अर्थशास्त्री हीथर लॉन्ग ने कहा, "कोर्ट के फैसले से ट्रंप प्रशासन को टैरिफ नीति में पुनर्विचार करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।"

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