व्लादिमीर पुतिन ने की ईरान पर हमले की निंदा, बताया अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन
क्या है खबर?
इजरायल-अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमलों में हुई सर्वोच्च नेता आयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने खामेनेई की मौत को मानवता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों को स्पष्ट उल्लंघन करार दिया है। इसी तरह चीन ने भी हमले की कड़ी निंदा की है। दोनों ही देशों ने इजरायल और अमेरिका के इस कदम की आलोचना करते हुए सैन्य अभियान को तत्काल रोकने की मांग की है।
संवेदना
पुतिन ने ईरानी राष्ट्रपति को पत्र लिखकर जताई संवेदना
पाकिस्तान में रूसी दूतावास ने एक्स पर लिखा, 'राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई और उनके परिवार के सदस्यों की हत्या पर इस्लामिक गणराज्य ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन को पत्र लिखकर गहरी संवेदना व्यक्त की है।' दूतावास ने अपनी पोस्ट में पुतिन की ओर से पेजेश्कियन को लिखे पत्र को भी साझा किया है और बताया कि रूसी सरकार पूरी तरह से इन हमलों के खिलाफ है।
पत्र
पुतिन ने पत्र में क्या लिखा?
पुतिन ने पत्र में लिखा है, 'प्रिय राष्ट्रपति महोदय, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामेनेई और उनके परिवार के सदस्यों की हत्या पर मेरी गहरी संवेदना स्वीकार करें। यह हत्या मानवीय नैतिकता और अंतरराष्ट्रीय कानून के सभी मानदंडों का घोर उल्लंघन है। रूस में खामेनेई को एक असाधारण राजनेता के रूप में याद किया जाएगा, जिन्होंने रूस और ईरान के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को बढ़ावा और उन्हें रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक पहुंचाने में व्यक्तिगत रूप से अहम योगदान दिया।'
अपील
रूस ने की थी संयम बरतने की अपील
इससे पहले शनिवार को रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने अपने ईरानी समकक्ष अब्बास अराघची से फोन पर बात की थी। यह बातचीत ईरानी पक्ष की पहल पर हुई थी। उस दौरान लावरोव ने संयम के साथ आगे बढ़ने की बात कही थी। बता दें कि रूस के यूक्रेन पर हमला करने के बाद से उसके ईरान के साथ संबंध काफी मजबूत हुए हैं। साल 2025 में दोनों देशों ने एक रणनीतिक साझेदारी संधि पर भी हस्ताक्षर किए थे।
आह्वान
चीन ने किया सैन्य अभियान को तत्काल रोकने का आह्वान
चीन ने भी खामेनेई की मौत पर प्रतिक्रिया दिया है। AFP के अनुसार, चीन ने कहा है कि खामेनेई की हत्या ईरान की संप्रभुता और सुरक्षा का घोर उल्लंघन है। यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्य और सिद्धांतों के साथ बुनियादी मानदंडों का भी उल्लंघन है। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह इन हमलों का कड़ा विरोध करता है और इसकी निंदा करता है। इसके साथ ही इस सैन्य अभियान को तत्काल रोकने का भी आह्वान करता है।