वेनेजुएला की नेता मारिया मचाडो ने अपना नोबेल शांति पुरस्कार ट्रंप को दिया, जानिए क्या कहा
क्या है खबर?
वेनेजुएला में विपक्ष की नेता मारिया कोरिना मचाडो ने गुरुवार को व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अपना नोबेल शांति पुरस्कार ट्रंप को भेंट किया। वेनेजुएला में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद ट्रंप की किसी वेनेजुएलाई नेता से पहली मुलाकात थी। ट्रंप ने मुलाकात के बाद सोशल मीडिया पर लिखा, 'मारिया ने मेरे काम के लिए मुझे अपना नोबेल शांति पुरस्कार दिया। यह आपसी सम्मान का बहुत अच्छा इशारा है। धन्यवाद मारिया!'
सम्मान
क्या बोलीं मचाडो?
ट्रंप से मुलाकात के बाद मचाडो ने पत्रकारों से कहा, "मुझे लगता है कि आज हम वेनेजुएलावासियों के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। मैंने संयुक्त राज्य अमेरिका के राष्ट्रपति को नोबेल शांति पुरस्कार का पदक प्रदान किया और इसे हमारी स्वतंत्रता के प्रति उनकी अद्वितीय प्रतिबद्धता की मान्यता बताया।" मचाडो ने व्हाइट हाउस के बाहर गेट पर जमा समर्थकों से बात की और उन्हें स्पेनिश में कहा, "हम राष्ट्रपति ट्रंप पर भरोसा कर सकते हैं।"
समिति
नोबेल समिति ने कहा- पदक के मालिक बदल सकते हैं, लेकिन खिताब नहीं
मचाडो को अक्टूबर 2025 में नोबेल पुरस्कार मिलने पर ट्रंप नाराज थे। हालांकि, पिछले हफ्ते मचाडो ने इसे ट्रंप के साथ साझा करने को कहा था। तब नोबेल समिति ने स्पष्ट किया, "पुरस्कार घोषित होने के बाद इसे रद्द-साझा नहीं कर सकते और न हस्तांतरित कर सकते हैं। यह निर्णय अंतिम और मान्य रहेगा।" ट्रंप-मचाडो बैठक से पहले, नोबेल समिति ने एक्स पर लिखा, "पदक के मालिक बदल सकते हैं, लेकिन नोबेल शांति पुरस्कार विजेता का खिताब नहीं बदल सकता।"
पद
क्या मचाडो बनेंगी वेनेजुएला की राष्ट्रपति?
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने वेनेजुएला के नए नेता के रूप में मचाडो का समर्थन करने से इनकार कर दिया है। हालांकि, उन्होंने कहा, "मचाडो से मिलना महान सम्मान था, वह एक अद्भुत महिला हैं, जिन्होंने बहुत कुछ सहा है।" ट्रंप मादुरो की गिरफ्तारी के बाद कार्यवाहक राष्ट्राध्यक्ष डेल्सी रोड्रिगेज से बातचीत कर रहे हैं, जो मादुरो के कार्यकाल में पूर्व उपराष्ट्रपति थीं। बता दें कि मचाडो के आंदोलन ने 2024 के विवादित चुनावों में जीत का दावा किया था।