अमेरिका ने प्रलयकारी मिनुटमैन-III मिसाइल का परीक्षण किया, हिरोशिमा में गिराए गए मिसाइल से अधिक खतरनाक
क्या है खबर?
अमेरिका ने ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के बीच अपनी परमाणु-सक्षम मिनुटमैन-III अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण प्रक्षेपण किया है। अमेरिकी वायुसेना के ग्लोबल स्ट्राइक कमांड ने 3 मार्च की रात कैलिफोर्निया के वैंडेनबर्ग स्पेस फोर्स बेस से दो GT-254 परीक्षण किया, जो बिना परमाणु वारहेट के थी। इसने प्रशांत महासागर में हजारों मील की दूरी तय की। प्रलयकारी मिसाइल जापान के हिरोशिमा पर गिराए गए परमाणु बम से 20 गुना अधिक शक्तिशाली वॉरहेड ले जाने में सक्षम है।
मिसाइल
क्या है मिनुटमैन मिसाइल-III?
अमेरिकी वायुसेना के मुताबिक, यह मिसाइल 1950 में डिजाइन है और 1970 से तैनात है। मिनुटमैन मिसाइल का पहला और दूसरा वर्जन अमेरिका के पास है। तब से अभी तक इसके लगातार अपग्रेड से यह दुनिया की सबसे पुरानी और विश्वसनीय जमीन आधारित इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) है। अभी 400 सक्रिय मिसाइलें 3 बेस व्योमिंग, मोनटाना और उत्तरी डकोटा में है। इसका वजन 36,030 किलोग्राम, रेंज 5,218 समुद्री मूल और गति बर्नआउट पर 24,000 किलोमीटर प्रतिघंटा है।
खासियत
मिसाइल की खासियत क्या है?
यह एकाधिक स्वतंत्र रूप से लक्षित पुनः प्रवेश वाहन (MIRV) सिस्टम वाली मिसाइल है, जो कई अलग-अलग टारगेट पर एक साथ परमाणु वारहेड डाल सकती है। हालांकि अंतरराष्ट्रीय संधियों के तहत अब ज्यादातर सिंगल वारहेड मोड में रखी जाती है। यह वायु सेना ग्लोबल स्ट्राइक कमांड के तहत 24 घंटे सातों दिन अलर्ट रहती है। मिसाइल की ऊंचा लगभग 59.9 फीट है। दुनिया की पहली ICBM है, जो सॉलिड फ्यूल का इस्तेमाल करती है।
खतरनाक
जापान पर गिराए गए परमाणु बम से भी खतरनाक
यह दुनिया की सबसे खतरनाक मिसाइल है। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान जापान के हिरोशिमा पर जो बम (लिटिल बॉय) गिराया गया था, उसकी क्षमता सिर्फ 15 किलोटन थी, जबकि प्रलयकारी मिसाइल की क्षमता उससे 20 से 30 गुना ज्यादा है। इसका उपयोग हुआ तो लाखों लोग मारे जाएंगे। एक मिसाइल अभी भी कई शहरों या सैन्य ठिकानों को नष्ट कर सकती है। एक बार में 300-475 किलोटन का विस्फोट 5-10 किमी के दायरे में भारी तबाही मचा सकता है।
परीक्षण
क्या ईरान पर हमला करने के लिए हुआ परीक्षण?
अमेरिका वायुसेना की 576वीं फ्लाइट टेस्ट स्क्वाड्रन की कमांडर लेफ्टिनेंट कर्नल कैरी व्रे ने कहा कि GT 255 ने मिसाइल प्रणाली के अलग-अलग घटकों के प्रदर्शन का आकलन करने की अनुमति दी, जिससे हम संपूर्ण ICBM बेड़े के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में सक्षम हैं। बयान में कहा गया है कि मिसाइल एक दीर्घकालिक नियमित मूल्यांकन कार्यक्रम के हिस्से के रूप में लॉन्च किया गया था और यह आधिकारिक तौर पर चल रहे संघर्ष से जुड़ी नहीं थी।