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अमेरिका ने तीसरा युद्धपोत पश्चिम एशिया भेजा: 6,000 लोग, 85 विमान हो सकते हैं तैनात; जानें खासियत
अमेरिका ने युद्धपोत USS थियोडोर रूजवेल्ट को पश्चिम एशिया भेजा है

अमेरिका ने तीसरा युद्धपोत पश्चिम एशिया भेजा: 6,000 लोग, 85 विमान हो सकते हैं तैनात; जानें खासियत

लेखन आबिद खान
Oct 02, 2026
05:56 pm

क्या है खबर?

अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से जारी गतिरोध और भड़क सकता है। हाल ही में कुछ रिपोर्टें सामने आई थीं कि अमेरिका में मध्यावधि चुनाव होने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान पर नए सिरे से हमला करने की योजना बना रहे हैं। अब अमेरिका अपने युद्धपोत USS थियोडोर रूजवेल्ट को पश्चिम एशिया भेज रहा है। इस पर करीब 9,000 सैनिक भी हैं। आइए इस युद्धपोत की खासियत जानते हैं।

युद्धपोत

सबसे पहले USS थियोडोर रूजवेल्ट के बारे में जानिए

USS थियोडोर रूजवेल्ट निमित्ज श्रेणी का चौथा युद्धपोत है। ये परमाणु ऊर्जा से चलता है।

अमेरिका के 26वें राष्ट्रपति थियोडोर रूजवेल्ट के सम्मान में इसका नाम रखा गया है। इसे 25 अक्टूबर 1986 को अमेरिकी नौसेना में शामिल किया गया था। इसने 1991 में खाड़ी युद्ध के दौरान पहली बार कार्रवाई में भाग लिया था।

ये अरब सागर, फारस की खाड़ी, लाल सागर और भूमध्य सागर समेत कई जगहों पर अभियानों में हिस्सा ले चुका है।

आकार

कितना बड़ा है युद्धपोत?

USS थियोडोर रूजवेल्ट 332 मीटर लंबा और 76.8 मीटर चौड़ा है। पूरी तरह लोड होने पर इसका विस्थापन लगभग 1.04 लाख टन होता है।

इसके फ्लाइट डेक का क्षेत्रफल करीब 4.50 एकड़ है, जिस पर एक साथ 65 से लेकर 85 लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर तैनात किए जा सकते हैं।

इस पर चालक दल के 3,200 सदस्यों और वायु सेना के करीब 2,400 सदस्यों के रहने की क्षमता है।

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खासियत

क्या है युद्धपोत की खासियत?

ये 2 परमाणु रिएक्टर से चलता है। इस वजह से लंबे समय तक समुद्र में रह सकता है।

इसमें 65-85 फिक्स्ड-विंग और रोटरी एयरक्राफ्ट तैनात किए ज सकते हैं, जिनमें F/A-18 सुपर हॉर्नेट, E-2D हॉक आई और MH-60 हेलीकॉप्टर शामिल हैं।

ये अधिकतम 56 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तैर सकता है।

युद्धपोत में 6 अत्याधुनिक रडार लगे हुए हैं।

इसमें सी स्पैरो और RIM-116 रोलिंग एयरफ्रेम जैसी मिसाइल प्रणालियां भी हैं।

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तैनात युद्धपोत

पश्चिम एशिया में होंगे 3 अमेरिकी युद्धपोत

USS थियोडोर रूजवेल्ट 7 सितंबर को कैलिफोर्निया के सैन डिएगो से रवाना हुआ है। इसके साथ कैरियर स्ट्राइक ग्रुप 9 भी तैनात किया गया है। इस समूह में विमानवाहक पोत के अलावा लड़ाकू विमान और दूसरे युद्धपोत शामिल हैं।

माना जा रहा है कि अक्टूबर अंत तक ये पश्चिम एशिया में पहुंच सकता है।

इस क्षेत्र में पहले से ही USS जॉर्ज डब्ल्यू बुश और USS जॉर्ज वॉशिंगटन तैनात हैं।

युद्ध

क्या दोबारा शुरू होगा युद्ध?

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में ईरान पर नए हमलों की चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि मध्यावधि चुनाव के बाद ईरान पर नए सिरे से हमले होंगे।

ट्रंप ने ईरान के 7 दिन के युद्धविराम प्रस्ताव को भी ठुकरा दिया है।

अल जजीरा ने बताया है कि नवंबर के अंत तक ईरान के आसपास अमेरिका के 3 युद्धपोत और 2 मरीन यूनिट तैनात हो सकती हैं। ऐसे में तनाव बढ़ने के संकेत हैं।

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