एशियाई खेल 2026: मुक्केबाज अंकुश पंघाल ने जीता स्वर्ण पदक, दक्षिण कोरियाई विरोधी को हराया
क्या है खबर?
भारतीय मुक्केबाजी के लिए शुक्रवार (2 अक्टूबर) का दिन एशियाई खेल 2026 में बेहद ऐतिहासिक साबित हुआ है। भारत के स्टार मुक्केबाज अंकुश पंघाल ने पुरुषों के 80 किलोग्राम भारवर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। उन्होंने फाइनल मुकाबले में दक्षिण कोरिया के दिग्गज मुक्केबाज किम मिनसोंग को एकतरफा अंदाज में मात देकर यह सफलता हासिल की। इस स्वर्णिम सफलता के साथ अंकुश ने भारतीय खेलों के इतिहास में एक नया पन्ना जोड़ दिया।
मुकाबला
अंकुश ने किस तरह जीता मुकाबला?
अंकुश फाइनल मुकाबले की शुरुआत से ही अपने प्रतिद्वंद्वी पर हावी नजर आए।
उन्होंने पहला राउंड में 4-1 से अहम बढ़त बनाई। दूसरे राउंड में उन्होंने दक्षिण कोरियाई खिलाड़ी को संभलने का कोई मौका नहीं दिया और सभी पांचों जजों ने एकमत होकर 5-0 से यह राउंड अंकुश के नाम किया।
अंतिम राउंड में भी अंकुश ने अपना संयम बनाए रखा और काउंटर-पंचिंग का बेहतरीन इस्तेमाल कर 4-0 के सर्वसम्मत फैसले के साथ स्वर्ण पदक पर मुहर लगा दी।
रिकॉर्ड
अंकुश ने बनाया अनोखा और ऐतिहासिक रिकॉर्ड
अंकुश एशियाई खेलों के इतिहास में 80 किलोग्राम (लाइट हैवीवेट) भारवर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष मुक्केबाज बन गए हैं।
उनसे पहले किसी भी भारतीय ने इस श्रेणी में स्वर्ण पदक नहीं जीता था।
वह साल 2018 में अमित पंघाल के बाद एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय पुरुष बॉक्सर भी बन गए हैं।
अंकुश ने इसी साल आयोजित हुए ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भी देश को स्वर्ण पदक दिलाया था।
सफलता
भारतीय मुक्केबाजी के लिए स्वर्णिम दिन
आज का दिन भारतीय मुक्केबाजी के लिए 'गोल्डन हैट्रिक' लेकर आया है।
अंकुश के इस स्वर्ण पदक से ठीक पहले महिला बॉक्सिंग में लवलिना बोरगोहेन (75 किलोग्राम) और परवीन हुड्डा (65 किलोग्राम) ने भी अपने-अपने फाइनल मुकाबले जीतकर भारत की झोली में 2 स्वर्ण पदक डाले थे।
इस तरह भारतीय मुक्केबाजों ने आज रिंग में कुल 3 स्वर्ण पदक हासिल कर एक नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। इस सफलता से पूरे देश में खुशी की लहर दौड़ रही है।