डोनाल्ड ट्रंप ने ठुकराया 7 दिवसीय युद्धविराम प्रस्ताव, हॉर्मुज जलडमरूमध्य का नाम बदलकर रखा 'ट्रंप स्ट्रेट'
क्या है खबर?
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नया भू-राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान द्वारा दिए गए 7 दिवसीय युद्धविराम और शांति वार्ता के प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। इसके बाद ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर हॉर्मुज जलडमरूमध्य के मानचित्र की एक ग्राफिक तस्वीर साझा की, जिसमें उन्होंने इस जलमार्ग का नाम बदलकर 'ट्रंप स्ट्रेट' लिख दिया है। इस कदम से अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में हलचल तेज हो गई है।
प्रस्ताव
ईरान ने क्या दिया था प्रस्ताव?
संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के इतर संवाददाताओं से बात करते हुए ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने एक बेहद ठोस और स्पष्ट योजना पेश की थी।
इसमें ईरान ने कहा था कि अगर, अमरीका आवश्यक शर्तों को पूरा करता है, तो ईरान केवल 7 दिनों के भीतर हॉर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोल देगा और सामान्य समुद्री आवाजाही बहाल कर देगा।
इसी तरह ईरान ने परमाणु वार्ताओं को दोबारा शुरू करने का भी प्रस्ताव दिया था।
मांग
ईरान ने ये रखी थी मांग
रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने इस प्रस्ताव के साथ मांग रखी थी कि अमरीका को उसके बंदरगाहों की नौसैनिक नाकेबंदी तुरंत हटानी होगी, तेल प्रतिबंधों में छूट देनी होगी और दोनों पक्षों को युद्धविराम का पालन करना होगा।
विदेश मंत्री अराघची ने साफ शब्दों में कहा, "हमने एक ठोस योजना वाशिंगटन के सामने रख दी है। अब अगला फैसला और विकल्प पूरी तरह से अमरीका के हाथ में है।"
हालांकि, ट्रंप ने इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया।
कारण
ट्रंप ने क्यों ठुकराया प्रस्ताव?
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अुनसार, ट्रंप इस प्रस्ताव पर संशय में हैं। उन्हें भरोसा नहीं है कि ईरान उनकी कड़ी शर्तों को पूरा करेगा। उनका मानना है कि ईरान केवल अमरीकी प्रतिबंधों से अपने आर्थिक नुकसान को बचाने के लिए यह चाल चल रहा है।
ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि तेहरान नवंबर में होने वाले अमरीकी मध्यावधि चुनावों के बाद एक ऐसा समझौता चाहता है जो उसके परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह समाप्त कर दे।
जानकारी
चुनाव के बाद दोबारा हमले की तैयारी
अमरीकी अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप नवंबर के मध्यावधि चुनावों के ठीक बाद ईरान पर दोबारा बमबारी शुरू करने की योजना बना रहे हैं और उन्होंने अपने मुख्य सलाहकारों को इसकी तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं।
हकीकत
'ट्रंप स्ट्रेट' सोशल मीडिया पोस्ट की हकीकत
प्रस्ताव खारिज करने के तुरंत बाद ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर जो नक्शा साझा किया है, वह बीजिंग और तेहरान को सीधी चुनौती माना जा रहा है।
पोस्ट किए गए नक्शे में ईरान, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और ओमान के बीच स्थित इस रणनीतिक जलमार्ग को गहरे नीले रंग में घेरा गया है।
इस घेरे के बीचों-बीच बड़े अक्षरों में 'ट्रंप स्ट्रेट' लिखा हुआ है। ट्रंप के यह नक्शा जारी करने के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल शुरू हो गई।
चेतावनी
ईरानी राष्ट्रपति ने भी दी अंतिम चेतावनी
अमरीकी नाकेबंदी और ट्रंप की सैन्य धमकियों के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने भी अपना रुख कड़े शब्दों में स्पष्ट कर दिया है।
उन्होंनें संयुक्त राष्ट्र में कहा, "डोनाल्ड ट्रंप को यह अच्छी तरह समझ लेना चाहिए कि ईरान एक संप्रभु राष्ट्र है और वह दबाव में आकर कभी भी अमरीका के सामने घुटने नहीं टेकेगा। हम मेज पर बैठकर सम्मानजनक बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन अमरीकी सैन्य धमकियों और आर्थिक ब्लैकमेलिंग के आगे कभी नहीं झुकेंगे।"