अमेरिकी मंत्री का बड़ा बयान, कहा- भारत से व्यापार समझौते में अमेरिकी हितों को देंगे प्राथमिकता
क्या है खबर?
अमेरिका के उप विदेश मंत्री क्रिस्टोफर लैंडौ ने गुरुवार को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत के साथ चल रहे व्यापार समझौते में हर स्थिति में अमेरिकी हितों को प्राथमिकता दी जाएगी, भले ही उनकी सरकार भारत के साथ अपनी साझेदारी को गहरा करने की कोशिश कर रही हो। लैंडौ ने कहा कि अमेरिका भारत के साथ सहयोग को महत्व देता है, लेकिन वह यह सुनिश्चित करेगा कि कोई भी समझौता अमेरिकी नागरिकों के लिए लाभकारी बना रहे।
बयान
लैंडौ ने क्या दिया बयान?
लैंडौ ने रायसीना संवाद में कहा, "भारत को समझना चाहिए कि हम भारत के साथ वही गलतियां नहीं दोहराएंगे जो हमने 20 साल पहले चीन के साथ की थीं। हम सुनिश्चित करेंगे कि हम जो भी करें, वह हमारी जनता के लिए उचित हो क्योंकि अंततः हमें अपनी जनता के प्रति जवाबदेह होना होगा, ठीक उसी तरह जैसे भारत सरकार अपनी जनता के प्रति जवाबदेह है।" उनकी टिप्पणी भारत और अमेरिका में हो रहे व्यापार समझौते के बीच आई है।
अवधारणा
लैंडौ ने 'अमेरिका फर्स्ट' अवधारणा पर स्पष्ट की स्थिति
प्रशासन के विदेश नीति संबंधी दृष्टिकोण के बारे में बनी धारणाओं पर लैंडौ ने स्पष्ट किया, "अमेरिका फर्स्ट का मतलब स्पष्ट रूप से अमेरिका ऐसा करने वाला अकेला नहीं है, क्योंकि इन उद्देश्यों को प्राप्त करने का एक तरीका अन्य देशों के साथ सहयोग करना भी है।" उन्होंने कहा, "जिस तरह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका को महान बनाना चाहते हैं, उसी तरह वे भारतीय प्रधानमंत्री से भी यही उम्मीद करेंगे कि वे अपने देशों को फिर से महान बनाना चाहें।"
प्रगति
भारत की प्रगति वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था को आकार देगी
लैंडौ ने कहा कि भारत की प्रगति आने वाले दशकों में वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था को आकार देगी। उन्होंने कहा, "यह सदी कई मायनों में एक ऐसी सदी होने जा रही है जिसमें हम भारत के उदय को देखने की उम्मीद करते हैं। भारत अपनी पूरी क्षमता से जी रहा है। यह वर्तमान में दुनिया का सबसे अधिक आबादी वाला देश है। इसके पास अविश्वसनीय आर्थिक, मानवीय और अन्य संसाधन हैं जो इस सदी के भविष्य का निर्धारण करेंगे।"
जोर
भारत से संबंधों की मजबूती पर भी जोर
लैंडौ ने कहा, "21वीं सदी में जब हम दुनिया भर में देखते हैं और यह तय करते हैं कि हमें वास्तव में किन संबंधों को मजबूत करना है, तो मैं भारत के महत्व को उजागर करना चाहता हूं। मैं यहां सामाजिक कार्य या दान-पुण्य करने नहीं आया हूं। मैं यहां इसलिए आया हूं क्योंकि यह हमारे देश के हित में है और हम मानते हैं कि भारत के हित में है कि हम अपनी साझेदारी को और गहरा करें।"
सफलता
व्यापार समझाैते को अंतिम रूप से देने के चरण में हैं दोनों देश- लैंडो
लैंडौ ने कहा, "हम इस व्यापार समझौते को लेकर बहुत उत्साहित हैं जो अब लगभग अंतिम चरण में है।" इस साल की शुरुआत में भारत और अमेरिका ने पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार पर एक अंतरिम समझौते के लिए एक रूपरेखा की घोषणा की थी। राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए एक व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर बातचीत करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। इससे दोनों देशों को फायदा होगा।