LOADING...
ईरान के चाबहार व्यापार क्षेत्र के पास अमेरिका ने किया हमला, सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना
ईरान के चाबहार व्यापार क्षेत्र के पास अमेरिका ने हमला किया है

ईरान के चाबहार व्यापार क्षेत्र के पास अमेरिका ने किया हमला, सैन्य ठिकानों को बनाया निशाना

लेखन आबिद खान
Mar 16, 2026
01:10 pm

क्या है खबर?

अमेरिका ने ईरान के चाबहार मुक्त व्यापार क्षेत्र के पास सैन्य ठिकानों पर हमला किया है। 'वॉयस ऑफ अमेरिका' की फारसी भाषा सेवा ने बताया कि ईरान के इस अहम व्यापार क्षेत्र के पीछे एक पहाड़ पर जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं। ये इलाका ईरान के दक्षिण-पूर्वी सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांतों में पाकिस्तान की सीमा से सटा हुआ है। यह अफगानिस्तान, मध्य एशिया और यूरोप तक पहुंच के लिए भारत के लिए भी अहम है।

हमला

बंदरगाह को कोई नुकसान नहीं- रिपोर्ट

रिपोर्ट के मुताबिक, इन हमलों से मुख्य चाबहार बंदरगाह को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है, बल्कि केवल पास के सैन्य ठिकानों को ही निशाना बनाया गया है। ओमान की खाड़ी के सामने स्थित इस इलाके में ईरान की कई नौसैनिक संपत्तियां, मिसाइल केंद्र, वायु रक्षा प्रणालियां और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के ठिकाने मौजूद हैं। इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री यातायात को होने वाले खतरों का मुकाबला करना और जहाज-रोधी मिसाइल प्रणालियों को नष्ट करना है।

चाबहार

चाबहार के बारे में जानिए

चाबहार मुक्त व्यापार क्षेत्र एक विशेष आर्थिक और रणनीतिक क्षेत्र है, जो औद्योगिक और पारगमन केंद्र के रूप में कार्य करता है। इसकी स्थापना 1992 में विदेशी निवेश को आकर्षित करने और पारंपरिक और भीड़भाड़ वाले व्यापार मार्गों को दरकिनार करने के लिए की गई थी। ये मध्य एशिया को हिंद महासागर से जोड़ता है। इससे तेहरान को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरे बिना सीधे हिंद महासागर तक पहुंच मिलती है।

Advertisement

भारत

भारत के लिए क्यों अहम है चाबहार?

चाबहार भारत के लिए रणनीतिक रूप से बहुत अहम है। यह भारत को अफगानिस्तान, मध्य एशिया और यूरोप तक आसान पहुंच देता है, और क्षेत्रीय इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास का मुख्य केंद्र है। इसके जरिए भारत पाकिस्तान के बजाय अपना माल सीधे अफगानिस्तान भेज सकता है। अब तक भारत को व्यापार के लिए पाकिस्तान से होकर गुजरना पड़ता था। चीन के नजरिए से भी ये अहम है, क्योंकि ये ग्वादर बंदरगाह के बराबर ही ओमान की खाड़ी में है

Advertisement

निवेश

2024 में चाबहार को लेकर भारत ने किया था अहम समझौता

2024 में चाबहार स्थित शाहिद बेहेस्ती बंदरगाह के संचालन के लिए भारत और ईरान के बीच करीब 3,000 करोड़ रुपये का अहम समझौता हुआ था। इसके तहत 10 सालों के लिए बंदरगाह का संचालन भारत के हाथों में आ गया। भारत ईरान के साथ मिलकर बंदरगाह को विकसित कर रहा है। हालांकि, पिछले साल अमेरिका ने बंदरगाह को मिली छूट खत्म करने का ऐलान किया था, जिसके चलते भारत की इस परियोजना पर खतरा मंडरा रहा है।

Advertisement