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अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में ईरान युद्ध समाप्त करने वाला विधेयक पास, 4 रिपब्लिकन सांसदों का समर्थन
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में ईरान युद्ध समाप्त करने वाला विधेयक पास

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में ईरान युद्ध समाप्त करने वाला विधेयक पास, 4 रिपब्लिकन सांसदों का समर्थन

लेखन गजेंद्र
Jun 04, 2026
10:45 am

क्या है खबर?

अमेरिका में रिपब्लिकन पार्टी के नेतृत्व वाली प्रतिनिधि सभा ने बुधवार को ईरान युद्ध रोकने के लिए लाए गए प्रस्ताव को पास कर दिया, जिससे राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका लगा है। सदन ने 215 के मुकाबले 208 मतों से युद्ध शक्तियों के प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया है। इसके पक्ष में 4 रिपब्लिकन सदस्य भी शामिल रहे। बता दें कि ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के पास प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों में मामूली बहुमत है।

प्रस्ताव

सीनेट से पास होना जरूरी

अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में प्रस्ताव पास होना काफी हद तक प्रतीकात्मक माना जा रहा है। इसे अभी रिपब्लिकन नियंत्रित सीनेट की मंजूरी जरूरी है। BBC के मुताबिक, सीनेट में सफल होने पर भी, ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पर पूरी तरह से रोक लगने की संभावना नहीं है। इससे पहले सीनेट करीब 7 बार प्रस्ताव लाने का असफल प्रयास किया था। हालांकि, मई में ऐसा एक प्रस्ताव पारित किया, लेकिन अभी तक पूर्ण मतदान नहीं हो पाया है।

युद्ध

अमेरिकी संसद ने नहीं दी है युद्ध की मंजूरी

प्रतिनिधि सभा में लाए गए प्रस्ताव का किसी डेमोक्रेट सांसद ने विरोध नहीं किया, जबकि 7 सदस्यों ने मतदान नहीं किया। विधेयक का समर्थन करने वालों में रिपब्लिकन से मिशिगन के टॉम बैरेट, ओहियो के वारेन डेविडसन, पेंसिल्वेनिया के ब्रायन फिट्ज़पैट्रिक और केंटकी के थॉमस मैसी शामिल थे। ईरान युद्ध को अमेरिकी संसद से मंजूरी नहीं मिली है और अब यह चौथे महीने में प्रवेश कर चुका है। अमेरिकी संविधान के मुताबिक, राष्ट्रपति युद्ध की घोषणा नहीं कर सकते हैं।

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कानून

क्या कहता है अमेरिका का कानून?

अमेरिका अगर किसी सैन्य संघर्ष में जाता है तो उसे 60 दिन के अंदर अमेरिकी कांग्रेस अधिकृत करती है, जो 1973 के युद्ध शक्ति संकल्प में निर्धारित समयसीमा है। इसके मुताबिक, अगर कांग्रेस उस समयसीमा से पहले युद्ध को अधिकृत नहीं करती, तो राष्ट्रपति को 60 दिनों में संघर्ष से लौटना होगा। ट्रंप ने 2 मार्च को ईरानी संघर्ष की जानकारी कांग्रेस को दी थी, जिसकी समयसीमा 2 मई तक थी। इसके बाद युद्ध के खिलाफ प्रस्ताव आया था।

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युद्ध

28 फरवरी को शुरू हुआ है युद्ध

अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमले शुरू किए थे, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई अधिकारी और नेता मारे जा चुके हैं। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल और खाड़ी में अमेरिका के सहयोगी देशों पर हमला किया और वैश्विक जल परिवहन के लिए आवश्यक होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर दिया। अमेरिका-ईरान ने 8 अप्रैल को प्रारंभिक युद्धविराम की घोषणा की है, लेकिन अभी भी हमले जारी हैं।

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