अमेरिका ने ईरान को 15-सूत्रीय शांति प्रस्ताव भेजा, जानें क्या रखीं शर्तें
क्या है खबर?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान में 'सही लोगों' के साथ बातचीत कर रहा है जो समझौता करने के लिए बेहद उत्सुक हैं। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष अभी बातचीत कर रहे हैं। इस बीच इजरायल के चैनल 12 ने दावा किया है कि ट्रंप प्रशासन ने युद्धविराम के लिए ईरान को 15 सूत्री योजना भेजी है, जिसमें यूरेनियम संवर्धन पर रोक और महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना शामिल है।
प्रस्ताव
क्या हैं अमेरिका की शर्तें?
ईरान को अपनी परमाणु क्षमताओं को खत्म करना होगा। ईरान को परमाणु हथियार बनाने का प्रयास न करने की प्रतिबद्धता जतानी होगी। ईरान में यूरेनियम संवर्धन नहीं किया जाएगा। ईरान को अपने पास मौजूद लगभग 450 किलोग्राम यूरेनियम को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को सौंपना होगा। नतांज, इस्फहान और फोर्डो परमाणु संयंत्रों को नष्ट करना होगा। IAEA को ईरान के अंदर पूर्ण पहुंच, पारदर्शिता और निगरानी का अधिकार देना होगा।
अन्य शर्तें
मिसाइल कार्यक्रम को भी सीमित करने की शर्त
ईरान को अपनी क्षेत्रीय प्रॉक्सी संगठनों को खत्म करना होगा। ईरान को अपने क्षेत्रीय सहयोगियों को वित्तपोषण, मार्गदर्शन और हथियार मुहैया कराना बंद करना होगा। होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखना होगा, जो एक स्वतंत्र समुद्री गलियारे के रूप में काम करेगा। ईरान के मिसाइल कार्यक्रम को रेंज और मात्रा दोनों में सीमित किया जाएगा। इसकी सीमाएं बाद में निर्धारित की जाएंगी। मिसाइलों का भविष्य में कोई भी उपयोग आत्मरक्षा तक ही सीमित रहेगा।
ईरान
बदले में ईरान को क्या मिलेगा?
शर्तें मानने के बदले में ईरान को अंतरराष्ट्रीय समुदाय द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों को पूरी तरह से हटाए जाने की उम्मीद है। अमेरिका ईरान को उसके नागरिक परमाणु कार्यक्रम को आगे बढ़ाने में सहायता करेगा, जिसमें बुशहर परमाणु संयंत्र में बिजली उत्पादन भी शामिल है। रिपोर्ट के अनुसार, 'स्नैपबैक' तंत्र, जो ईरान द्वारा अनुपालन करने में विफल रहने पर प्रतिबंधों को स्वत: फिर से लागू करने की अनुमति देता है, को हटा दिया जाएगा।
इजरायल
ट्रंप के प्रस्ताव से इजरायल चिंतित
रिपोर्ट के अनुसार, इन शर्तों से इजरायल चिंतित है कि ट्रंप युद्ध रोकने के लिए इन मांगों पर जोर देने के बजाय ईरान के साथ एक ढांचागत और सैद्धांतिक समझौते के लिए आगे बढ़ना चाहते हैं। इजरायल का मानना है कि इससे ईरान को बढ़त मिल जाएगी और स्पष्ट सहमति बनने से पहले ही युद्ध समाप्त हो जाएगा। इजरायल ने स्पष्ट किया है कि वह अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली किसी भी बातचीत का हिस्सा नहीं है।
ईरान
ईरान ने भी रखीं ये शर्तें
वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, ईरान ने खाड़ी में स्थित सभी अमेरिकी सैन्य ठिकानों को बंद करने की मांग की है। इसके अलावा हमलों से हुए नुकसान का मुआवजा, होर्मुज जलडमरूमध्य पर जहाजों से शुल्क वसूलने की अनुमति, दोबारा युद्ध शुरू न होने की गारंटी, ईरान समर्थित लेबनान के हिज्बुल्लाह पर इजरायली हमलों पर रोक, ईरान पर लगाए गए सभी प्रतिबंध हटाना और मिसाइल कार्यक्रम को सीमित करने के लिए बातचीत किए बिना उसे जारी रखने की अनुमति शामिल है।