ईरानी नेता खामेनेई की चेतावनी के बाद अमेरिका के 50 लड़ाकू विमान मध्य पूर्व में तैनात
क्या है खबर?
ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपनी सैन्य उपस्थिति बढ़ा दी है। विमानवाहक पोत के बाद अब 50 लड़ाकू विमान पश्चिम एशिया में तैनात किए गए हैं। ये घटनाक्रम तब सामने आया है, जब एक दिन पहले मंगलवार को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई ने अमेरिका को परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच जिनेवा में परमाणु मुद्दे को लेकर वार्ता भी चल रही है।
तैयारी
इन विमानों की हुई है तैनाती
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने पिछले 24 घंटों के भीतर 50 से अधिक लड़ाकू विमानों को मध्य पूर्व में भेजा है। स्वतंत्र फ्लाइट ट्रैकर्स ने F-16, F-22 और F-35 सहित कई उन्नत विमानों को उस क्षेत्र की ओर बढ़ते हुए देखा। इससे पहले अमेरिका ने दुनिया का सबसे बड़ा विमानवाहक पोत USS गेराल्ड आर फोर्ड को कैरिबियन सागर से रवाना किया है। उससे पहले USS अब्राहम लिंकन के साथ 3 निर्देशित मिसाइल विध्वंसक पोत भेजे गए थे।
चेतावनी
खामेनेई ने क्या कहा?
खामेनेई ने मंगलवार को एक्स पर अंग्रेजी में लिखा, 'परमाणु ऊर्जा हमारा पक्का हक है, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी की गाइडलाइंस में भी शामिल है। यानी, सभी देशों को परमाणु और संवर्धन संयंत्र रखने का हक है। यह एक देश के हक में है। अमेरिका इसमें दखल क्यों दे रहा है?!' खामेनेई ने चेतावनी दी कि अमेरिकी लगातार युद्धपोत भेजने की बात कहते हैं, जो बेशक खतरनाक है, लेकिन उससे खतरनाक युद्धपोत को समुद्र में भेजने वाला हथियार है।
चेतावनी
खड़ी नहीं हो सकेगी अमेरिकी सेना
खामेनेई ने लिखा, 'अमेरिकी राष्ट्रपति कहते रहते हैं कि उनके पास दुनिया की सबसे मज़बूत सेना है। ऐसी मजबूत सेना पर कभी-कभी इतना जोरदार हमला हो सकता है कि वह फिर उठ न सके।' उन्होंने लिखा, 'राष्ट्रपति ने कहा कि 47 सालों से अमेरिका इस्लामिक रिपब्लिक को खत्म नहीं कर पाया। यह एक अच्छा कबूलनामा है। मैं कहता हूं, आप ऐसा कर भी नहीं पाएंगे।' उन्होंने लिखा कि शांतिपूर्ण परमाणु उद्योग जंग के लिए नहीं, देश चलाने के लिए है।
वार्ता
वार्ता के बीच अभ्यास
ईरान-अमेरिका के बीच अप्रत्यक्ष वार्ता जिनेवा में फिर से शुरू हुई, जिसमें अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। इसमें ओमान मध्यस्थ की भूमिका में है। इसके बावजूद, ईरान अमेरिकी सेना से मुकाबला करने के लिए युद्धाभ्यास कर रहा है, जिसके लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को अस्थायी रूप से बंद किया गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया की 20 प्रतिशत तेल आपूर्ति गुजरती है। अभ्यास के दौरान जलमार्ग की ओर मिसाइलें दागी गईं है।