भारत से UAE जा रहे जहाज पर अमेरिका ने क्यों किया हमला?
क्या है खबर?
अमेरिकी सेना ने ओमान की खाड़ी में पाकिस्तान के तट से दूर एक मालवाहक जहाज पर हमला किया है। इस जहाज का नाम वेला नोवा है, जो भारत से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जा रहा था। ब्रिटिश समुद्री जोखिम प्रबंधन समूह वैनगार्ड और एक समुद्री सुरक्षा सूत्र ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि पनामा के ध्वज वाले इस जहाज पर पाकिस्तान के तट से लगभग 71 समुद्री मील दूर हमला हुआ है।
मिसाइल
जहाज पर दागी गई मिसाइल
अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने एक बयान में कहा कि उसकी नौसेना के एक हेलीकॉप्टर ने वेला नोवा मालवाहक जहाज पर 2 हेलफायर मिसाइलें दागी हैं।
CENTCOM ने कहा कि हमले में जहाज के इंजन रूम को निशाना बनाया गया और उसके स्टीयरिंग गियर को निष्क्रिय कर दिया गया।
CENTCOM ने आरोप लगाया कि चालक दल ने अमेरिकी सेनाओं की बार-बार दी गई चेतावनियों को नजरअंदाज करते हुए नौकायन जारी रखा था।
वजह
जहाज पर क्यों किया गया हमला?
अमेरिकी सेना ने कहा कि जहाज ने बार-बार चेतावनियों को नजरअंदाज किया और ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकाबंदी का उल्लंघन करने की कोशिश की।
सेना ने कहा कि इसके बाद जहाज पर गोलीबारी की गई और उसे निष्क्रिय कर दिया गया। साथ ही यह भी कहा कि अब जहाज अमेरिकी नाकाबंदी का उल्लंघन करते हुए ईरान की ओर नहीं जा रहा है।
जहाज पर मानवीय नुकसान की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
हूती
हूती विद्रोहियों ने भी जहाज पर किया हमला, 4 की मौत
11 अगस्त को ही यमन के हूती विद्रोहियों ने बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक जहाज पर हमला कर दिया। इसमें चालक दल के 4 सदस्य मारे गए और 10 घायल हो गए।
मिस्र के इस जहाज का नाम तिहामा था, जो पेरिम द्वीप के उत्तर-पूर्व में लंगर डाले हुए था।
यमन के बचावकर्मियों ने बताया कि उनके पहुंचने के बाद हूतियों ने दूसरा हमला किया, जिसमें नेशनल रेसिस्टेंस फोर्स के 2 कर्मी मारे गए।
आंकड़े
अमेरिकी सेना बोली- 55 जहाजों ने रास्ता बदला
CENTCOM ने कहा कि 11 अगस्त तक अमेरिकी सेना ने नाकाबंदी तोड़ने की कोशिश करने वाले 55 जहाजों को दूसरी दिशा में मोड़ दिया था।
इसके अलावा सेना ने नियमों का पालन न करने वाले 3 जहाजों को निष्क्रिय कर दिया है और 2 अन्य जहाजों पर कब्जा कर लिया है।
सेना ने बताया कि 14 जुलाई से ईरानी बंदरगाहों की दोबारा नाकाबंदी लागू होने के बाद वेला नोवा तीसरा ऐसा जहाज था जिसे अमेरिका ने जबरन रोका।