डोनाल्ड ट्रंप का चौंकाने वाला दावा, बोले- ईरान ने मुझे सुप्रीम लीडर बनाने का प्रस्ताव दिया
क्या है खबर?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने बयानों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं। अब उन्होंने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि ईरान के नेतृत्व ने अनौपचारिक रूप से उन्हें इस्लामी गणराज्य का अगला सुप्रीम लीडर बनने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उन्होंने इसे ठुकरा दिया। उन्होंने ये भी दावा किया कि वे युद्ध को खत्म करने के लिए ईरान के साथ बातचीत कर रहे हैं, जबकि ईरान ने किसी भी प्रकार की बातचीत से इनकार किया है।
बयान
ट्रंप बोले- मैंने नकारा ईरान का प्रस्ताव
रिपब्लिकन पार्टी के एक चंदा जुटाने वाले कार्यक्रम में ट्रंप ने कहा, "हमने उनकी बातें स्पष्ट रूप से साफ-साफ सुनी। हम आपको अगला सुप्रीम लीडर बनाना चाहते हैं। मैंने कहा नहीं, धन्यवाद। मैं यह पद नहीं चाहता। आज तक कोई भी राष्ट्राध्यक्ष ऐसा नहीं हुआ, जो ईरान का सुप्रीम लीडर बनने का इच्छुक हो।" ट्रंप ने ईरान के खिलाफ अभियान को 'सैन्य विनाश' बताया और एक बार फिर युद्ध में अमेरिका की जीत की घोषणा की।
युद्ध
ट्रंप ने फिर दोहराया युद्ध में जीत का दावा
ट्रंप ने फिर इस बात पर जोर दिया कि ईरान के साथ गुप्त वार्ता आगे बढ़ रही है और शासन युद्धविराम के लिए उत्सुक है। उन्होंने कहा, "हम इतनी बड़ी जीत हासिल कर रहे हैं कि मध्य पूर्व में जो पहले कभी किसी ने नहीं देखी। वे बातचीत कर रहे हैं और समझौता करने के लिए बेताब हैं। लेकिन वे यह कहने से डरते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि उनके अपने ही लोग उन्हें मार डालेंगे।"
ईरान
ईरान बोला- कोई बातचीत नहीं होगी
ईरान ने सार्वजनिक रूप से अमेरिका से बातचीत के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। ईरान के संयुक्त सैन्य कमान के प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोल्फ़ागरी ने सरकारी टेलीविजन पर कहा, "क्या आपके आंतरिक संघर्ष का स्तर इस स्तर तक पहुंच गया है कि आप (ट्रंप) खुद से ही बातचीत कर रहे हैं? जैसा कि हम हमेशा कहते आए हैं, हमारे जैसा कोई भी आपके साथ सौदा नहीं करेगा। न अभी, न कभी।"
वार्ता
इस हफ्ते पाकिस्तान में हो सकती है शांति वार्ता
पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच शांति वार्ता की मेजबानी करने को तैयार हो गया है। कहा जा रहा है कि अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस इस हफ्ते पाकिस्तान जा सकते हैं, जहां दोनों देशों के बीच युद्धविराम को लेकर बातचीत होगी। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान ने अमेरिका की मांगें ईरान को सौंप दी हैं, जिन्हें ईरान ने खारिज कर दिया है। दोनों पक्षों ने वार्ता को लेकर कई सख्त शर्तें रखी हैं।